आजमगढ़। कोराना संक्रमण के तेज फैलाव में कहीं न कही स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक अमले की भी लापरवाही शामिल है। तीन दिनों पूर्व कोरोना से मृत महिला के शव का बुधवार को सीएमओ ने प्रोटोकाल के तहत पीएम तो करा दिया लेकिन पीएम के बाद शव बिना किसी प्रोटोकाल का अनुपालन किए ही परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। पति व देवर ने किसी तरह शव को राजघाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
बरदह थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की रविवार को मौत हो गई। मायके वालों ने इलाज में देर करने का आरोप ससुराल वालों पर लगाया। मामला थाने पर पहुंचा तो पुलिस ने शव का पीएम करने का निर्णय ले लिया। इसके पूर्व ससुराल वालों द्वारा सीएचसी ठेकमा की टीम द्वारा शव का कोरोना जांच कराया गया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आयी। इसके बाद भी शव पीएम के लिए मर्चरी भेज दिया गया। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने शव का पीएम प्रोटोकाल के तहत कराने का निर्णय लिया। बुधवार को शव का प्रोटोकाल के तहत पीएम हुआ और पीएम के बाद शव परिजनों को बिना किसी प्रोटोकाल का अनुपालन किए ही अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। मृतक के पति अशीष राय ने बताया कि सीएमओ से बार-बार शव को प्रोटोकाल के तहत थ्री लेयर पॉलिथिन में पैक कराने और राजघाट तक शव ले जाने के लिए सरकारी शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की गई, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। अंतत: थकहार कर पति आशीष व उसके भाई ने प्राइवेट एंबुलेंस से शव को लेकर राजघाट पहुंचे और बिना पीपीई किट पहने ही शव का अंतिम संस्कार किया।