आजमगढ़। कोरोना संक्रमण का दूसरा दौर शुरू होने के बाद रोडवेज प्रशासन सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही बरत रहा है। बसों में बिना मास्क व सैनिटाइज के ही यात्री सफर कर रहे हैं। ऐसे यात्रियों को रोका-टोका भी नहीं जा रहा है। इतना ही नहीं बस के चालक-परिचालक भी कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
बस स्टैंड पर सफर के लिए बसों में सवार होने वाले यात्रियों को सैनिटाइज व थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन वहां पर भी कोई सक्रियता नहीं बढ़ाई गई है। जबकि कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी राजेश कुुमार ने बसों के संचालन के समय सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि किसी भी यात्री को बिना मास्क के बस में सवार होेने की अनुमति नहीं है। हालात यह है कि यहां लोग बिना मास्क के ही सफर कर रहे हैं। इतना ही नहीं सामान्य दिनों की तरह रोडवेज बस में यात्रियों को भरकर बैठाया जा रहा है। यात्रियों के बीच एक इंच की भी दूरी नहीं है। ऐसे में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
लॉकडाउन के बाद धीरे-धीरे कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए प्राइवेट बसों के संचालन की अनुमति मिली। शासन का सख्त निर्देश था कि यात्री मास्क लगाकर बस में प्रवेश करें। अपने साथ सैनिटाइजर लेकर रहे। इसके साथ ही सवारी बैठाने के पहले बसों को सैनिटाइज करें। बावजूद इसके प्राइवेट बस संचालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। बिना मास्क के ही यात्री बस में सफर कर रहे हैं। इतना ही नहीं बसों को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है।
रोडवेज पर बना कोविड-19 का हेल्प डेस्क बस नाम का बना है। यहां तैनात कर्मचारी बस अपना कोरम पूरा कर चले जाते हैं। यहां आने वाले यात्रियों की माने तो किसी के द्वारा उनका थर्मल स्क्रीनिंग नहीं किया गया है। इतना ही नहीं उनसे मास्क के बारे में भी नहीं सवाल किए जाते हैं। यात्री बेखौफ होकर बिना मास्क के सफर कर रहे हैं।
रोडवेज ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए बसों के चालक व परिचालकों को साफ निर्देश दे रखें है कि वे बिना मास्क पहने व सैनिटाइज कराए किसी भी यात्री को बस में न चढ़ने दें। खुद भी मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करें। बस चेकिंग में यदि बस स्टाफ व कोई भी यात्री बिना मास्क मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी वसूला जाएगा। लेकिन इसके बाद भी कोविड-19 को लेकर लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
शासन ने निर्देश जारी किया कि यात्रा प्रारंभ करने से पहले बसों को सैनिटाइजेशन किया जाए। इसके बाद थर्मल स्क्रीनिंग करते हुए मास्क लगाए हुए यात्रियों को बस में प्रवेश दिया जाए। विभाग का दावा है कि बसों का सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। टीम ने इसकी पड़ताल की तो ऐसा कुछ भी नहीं था। रोडवेज परिसर में घूमकर देखा गया तो कहीं पर किसी बस का सैनिटाइजेशन करते हुए नहीं पाया गया। बस चालक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बस का सैनिटाइजेशन नहीं किया गया है। ऐसे ही यात्रियों को उनके गंतव्य को पहुंचाया जा रहा है।