आजमगढ़। जमियत उलमा की ओर से सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) को वापस लिए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। उलेमाओं का कहना है कि हिंदुस्तान एक सेक्युलर और गणतांत्रिक देश है। इसका संविधान सेक्युलर पर आधारित है, जो देश के हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता और बराबर की नागरिकता का अधिकार देता है। सरकारों को इसके लिए बाध्य करता है कि वह किसी भी समुदाय के साथ किसी भी प्रकार का धार्मिक भेद-भाव का व्यवहार न करे।
संविधान बनाते समय संविधान की धाराओ का उलंघन न हो इसके लिए संविधान में धार्मिक आजादी और बराबरी के अधिकार पर अनेक धाराएं अंकित है। सीएए संविधान की धारा के बिलकुल विपरीत है। यह नागरिकता के अधिकार से वंचित करने वाला है। जिसके कारण हर नागरिक चिन्तीत और संसय में है। उन्होंने कहा कि आसाम में नागरिकता के अधिकार को लेकर हिंदू , मुसलमान दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिसके कारण 19 लाख हिंदू और मुसलमान परिवार नागरिकता से वंचित है। जतियत उलेमा ने राष्ट्रपति से मामले को गंभीरता से लेते हुए नागरिकता संशोधन विधेयक का वापस लिए जाने की मांग किया है। इस मौके पर जमियत उलेमा के सभी पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
वामपंथी पार्टियां भी विरोध में उतरी
आजमगढ़। जेलों में बंद सामाजिक कार्यकर्ताओं की रिहाई, सीएए, एनपीआर, एनआरसी कानून को समाप्त किए जाने, गिरफ्तार लोगों के साथ उत्पीडन बंद किए जाने सहित 11 सूत्रीरय मांगों के समर्थन में सोमवार को बामपंथी दलों ने राष्ट्रपति, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
उन्होने सौपे गए ज्ञापन में कहा कि सरकार बामपंथी दलो, मुसलमानों को निशाना बनाकर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है और उनका उत्पीडन किया जा रहा है। नेताओं ने शांतीपूर्ण आंदोलनकारियों के वीडियों से कथित चिन्हित व्यक्तियों पर सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान के बहाने उनकी संपत्ति को कुर्क किए जाने पर रोक लगाए जाने, धारा 144 के नाम पर अघोषित आपातकाल को समाप्त किए जाने, लोकतांत्रित तरीके से विरोध करने वालों पर हमला बंद किए जाने, पुलिस की गोली से मरने वाले निर्दोषो को मुआवजा दिए जाय और उनकी संपत्ति की भरपाई किए जाने, मारे गए लोगों और नुकसान हुई संपत्तियों की जांच एसआईटी गठित कर कराई जाए। इस मौके पर सीपीआई के जयप्रकाश नरायण, उत्तर प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग, भाकपा के रामायन राम, वोल्शेविक पार्टी के रामराज, किसान नेता वेद प्रकाश, रामजन्म, खरपत्तू, विनोद सिंह, मखडू, छोटे लाल, अनिल राय, शफीक मोहम्मद, अशोक कुमार राय सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
बंदियों से मिला छात्र संगठन, मदद का दिया भरोसा
आजमगढ़। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मिर्जा शाने आलम बेग के नेतृत्व में सोमवार को छात्र संगठनों का एक प्रतिनिधि मंडल जिला कारागार में शिब्ली कालेज के नेता और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष शम्स तबरेज, पूर्व महामंत्री बेलाल आजमी, नासिर खान और मुबारकपुर के निर्दोष बंद लोगों से मुलाकत किया और उन्हें हर प्रकार की मदद किए जाने का भरोस दिया। प्रदेश अध्यक्ष मिर्जा शाने आलम बेग ने कहा कि प्रदेश सरकार दमन की हदें पार कर रही है, लेकिन उसे यह नहीं मालूम कि देश का नौजवान संविधान की रक्षा के लिए कुर्बानी देने के लिए तैयार है। आजमगढ़ का नौजवान दमन के आग न झूका है न झूकेगा। डीएवी पीजी कालेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष दुर्गेश यादव ने कहा कि यह देश गांधी का देश है,जो संविधान से चलता है। संविधान और समाज को तोडने का काम करने वालों को नौजवान मुंहतोड़ जवाब देगा। शिब्ली कालेज के पूर्व अध्यक्ष हरिकेश यादव ने कहा कि आजमगढ़ की गंगा-जमुनी तहजीब को बिगडने वालों को माफ नहीं किया जाएगा और न ही सीएए जैसे काले कानून को स्वीकार किया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में जय प्रकाश यादव, दिनेश यादव लीलापुरी, पूर्व अध्यक्ष शिब्ली कालेज के मोहम्मद हेलाल, पूर्व अध्यक्ष कमर कमाल, आफताब आलम, फुरकान अहमद, मोहम्मद माजिद, जिशान खान आदि शामिल रहे।
कलेक्ट्रेट पर सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन करते भाकपा के कार्यकर्ता।- फोटो : AZAMGARH