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सरकारी भूमि को भूमिधरी घोषित करने में नपे एसडीएम सदर, निलंबित

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आजमगढ़। बाढ़ खंड की आफिस की भूमि को भूमिधरी घोषित करने के आदेश में एसडीएम सदर प्रशांत कुमार नायक को निलंबित कर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया। प्रकरण में कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने एसडीएम पर अनुशासनिक कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की थी। कमिश्नर, कनक त्रिपाठी ने बताया कि गलत तरीके से बाढ़ खंड की भूमि को भूमाफिया को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भूमिधरी घोषित करने के मामले में एसडीएम सदर आजमगढ़ प्रशांत नायर को निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन संस्तुति की गई थी।
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ग्राम एलवल स्थित गाटा संख्या 1214, रकबा 0.328 एकड़ को लेकर वर्ष 1985 से विभिन्न धाराओं में बाद एसडीएम सदर के न्यायालय में दाखिल किया गया था। इसे सभी पीठासीन अधिकारियों निरस्त कर दिया था। इसी भूमि पर बाढ़ खंड का आफिस है। तत्कालीन एसडीएम सदर प्रशांत कुमार नायक ने मुकदमा 159/2018 सम्हारू बनाम उप्र सरकार और अन्य में 16 अक्टूबर को आदेश किया। इसमें बंधे की भूमि को भूमाफिया सम्हारू आदि के नाम से भूमिधरी अंकित कर दिया गया। उक्त वाद में राज्य सरकार की ओर से अधिशासी अभियंता बाढ़ प्रखंड की ओर से विगत 24 अगस्त 2018 को साक्ष्य भी प्रस्तुत किया गया था। राज्य सरकार की तरफ से आपत्ति और लिखित बहस भी 23 अगस्त 2018 को प्रस्तुत की गई थी। उपभयपक्षों को सुनने के बाद यह वाद पाषणीयता के बिन्दु पर ही एसडीएम सदर की ओर से दो सितंबर 2019 को निरस्त कर दिया था। इस आदेश का अंकन आरसीसीएमएस पर फीड भी किया गया था। कम्प्यूटराईज्ड प्रति अधिशासी अभियन्ता, बाढ़ प्रखंड ने प्राप्त भी की थी। एसडीएम सदर प्रशांत नायक ने भू-माफिया सम्हारू को बंधे खाते की भूमि पर अनाधिकृत रूप से लाभ पहुंचाकर राज्य सरकार को गंभीर क्षति पहुंचाई थी। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने 18 नवंबर को प्रकरण से शासन को अवगत कराते हुए नायक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की थी।
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