इस अधिनियम में जांच का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। हुंकार भरी कि इस अधिनियम को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जा सकता। कलेक्ट्रेट के सामने आधे घंटे तक लोग केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने अभी तक सवर्णों का समर्थन देखा है, अब उसे विरोध भी झेलना पड़ेगा। कहा कि अगर यह कानून केंद्र सरकार वापस नहीं लेती है तो यह आक्रोश और उग्र होगा।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में जुटे सभी लोगों ने एक स्वर में विरोध किया। कहा कि केंद्र सरकार का ऐसा तानाशाह रवैया किसी भी दशा में स्वीकार नहीं होगा। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर नरेंद्र गंगवार को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में विनीत सिंह रिशु, अविनाश सिंह बंटी, समर सिंह, विपिन सिंह, दीपू राय, अभिषेक उपाध्याय, अमन उपाध्याय, शुभम सिंह आदि शामिल रहे।
जब डीएम कार्यालय पहुंच गए आक्रोशित युवा
कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। यहां एसडीएम सदर ने ज्ञापन लिया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। जैसे ही एसडीएम ने ज्ञापन लिया, वैसे पुलिस भी निश्चिंत हो गई कि अब वे चले जाएंगे। इधर दर्जनों की संख्या में युवा कलेक्ट्रेट में घुस गए और डीएम कार्यालय की तरफ कूच कर गए। यह देख पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूलने लगे। तुरंत गेट बंद किया गया और आक्रोशितों को बाहर निकाला गया।