आजमगढ़। कोरोना से बचाव को लेकर दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी का मूल मंत्र लोग भूलने लगे हैं। कोरोना का खतरा एक बार फिर से बढ़ गया है। इसके बावजूद हर जगह और हर स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। जिला प्रशासन ने घर से निकलने पर मास्क पहना अनिवार्य कर दिया है। बावजूद इसके बिना मास्क के लोग बस में सफर करते दिख रहे हैं। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका बढ़ गई है। इसको लेकर प्रशासन अलर्ट है, लेकिन जहां से यह संक्रमण ज्यादा फैल सकता है, वहां कोताही बरती जा रही है। बस स्टैड पर यह हालत है कि बसों में सफर करने वाले 80 फीसद यात्री मास्क ही नहीं पहन रहे हैं। वहीं दूरी ओर बस संचालकों का इस ओर ध्यान नहीं है। वे केवल सवारियों को ढोने में ध्यान दे रहे हैं। कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने की शर्त पर बस संचालन की अनुमति मिली थी, इस पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है।
बस के अंदर, बाहर एक जैसा नजारा
आजमगढ़। बुधवार को बस स्टैंड का जायजा लिया गया तो यहां जैसा हाल बस स्टैंड का था, वैसे ही बसों के अंदर था। बस स्टैंड पर बसों की प्रतीक्षा में जो लोग बैठे थे, वे बगैर मास्क के थे। बसों के अंदर भी यही हालत थी। चंद यात्रियों को छोड़ दें तो किसी के चेहरे पर मास्क नहीं था। बस में जो यात्री चढ़ रहे थे, उनके चेहरों पर मास्क नहीं था। अंदर बैठे केवल चार से पांच यात्री ही मास्क लगाए थे।