रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ द्वारा पकड़े गए दो टिकट दलाली के आरोपी।
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आजमगढ़। कोरोना काल में सीमित संख्या में चल रही ट्रेनों में टिकट के दलाल सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को अनधिकृत तरीके से ई-टिकटिग में संलिप्त देवगांव कोतवाली क्षेत्र के मथुरापुर व उसरौली बाजार में जनसेवा केंद्र पर छापेमारी कर दो युवकों को रेलवे की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों के पास से कुल 109 अदद आरक्षित ई-टिकट जिसकी कीमत करीब दी लाख रुपये व टिकट निकालने में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं।
आजमगढ़ के आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश चंद मीना, औड़िहार आरपीएफ थाना प्रभारी नरेश कुमार मीना व सीआईबी की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को देवगांव कोतवाली क्षेत्र के उसरौली बाजार में स्थित जनसेवा केंद्र में छापा मारा। की। इस दौरान जन सेवा केंद्र का मालिक मनोज कुमार प्रजापति अवैध साफ्टवेयर की मदद से रेलवे का ई-टिकट बनाते हुए पकड़ा गया। आरोपी आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर नौ पर्शनल यूजर आइडी का बनाकर फर्जी साफ्टवेयर की मदद से रेलवे का ई-टिकट बनाकर काला कारोबार करता था। जांच टीम ने उसके कब्जे से 20 ई-टिकट बरामद बरामद किया जिसकी यात्रा तिथि अभी बची थी। जिसकी कीमत 21774 रुपये है। वहीं यात्रा की जा चुकी कुल 13 ई-टिकट बरामद हुए जिसकी कीमत 37670 रुपये है। आरोपी मनोज तत्काल प्रा व तत्काल नॉउ का इस्तेमाल करता था। वर्तमान समय में पकड़े जाने के भय कारण घर से ही जरूरतमंद व्यक्तियों से आर्डर लेकर उन्हें अधिक पैसे में टिकट मुहैया कराता था। इसी क्रम में आरपीएफ थाना प्रभारी आजमगढ़ व औड़िहार द्वारा देवगांव कोतवाली क्षेत्र के मथुरापुर बाजार स्थित जायसवाल इंटरप्राइजेज के स्वामी विनोद कुमार जायसवाल को अवैध साफ्टवेयर की मदद से रेलवे का ई-टिकट बनाते हुए पकड़ा गया। टीम ने उसके कब्जे से एक ई-टिकट जिसकी यात्री तिथि अभी बाकी थी जिसकी कीमत 1654 रुपये व 79 ई-टिकट जिसपर यात्रा हो चुकी थी बरामद किया। जिसकी कीमत एक लाख 69 हजार 701 रुपये हैं। उक्त अभियुक्त द्वारा आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर 39 पर्सनल आइडी बनाई गई थी। वह प्रतिबंधित साफ्टवेयर रेल मांगो, स्पार्क प्रो व तत्काल प्लस का इस्तेमाल किया जा रहा था।