अतरौलिया। स्थानीय कस्बे में नगर पंचायत की दूषित जलापूर्ति से फैले डायरिया ने दो लोगों की जान ले ली। मरने वालों एक व्यक्ति कोविड पाजिटिव पाया गया है। कई मरीज विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में जीवन मौत से संघर्ष कर रहे है।
एक सप्ताह से अतरौलिया कस्बे में दूषित पानी की सप्लाई हो रही थी। इसके चलते कस्बे के लगभग ढाई से तीन सौ लोग डायरिया की चपेट में हैं। एक ही परिवार में कई-कई लोग बीमार है, जिसके चलते पूरे कस्बे के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। बीमार लोगों में सबसे ज्यादा 18 साल से कम आयुवर्ग के हैं। बुधवार की रात डायरिया से पीड़ित ढाई साल की एक बच्ची की घर पर ही मौत हो गई। वहीं उसी परिवार के एक युवक की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे सीएचसी अतरौलिया ले गए जहां उसकी कोरोना जांच की गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उसे 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया भेजा गया। जहां उसे रात में ही राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर रेफर किया गया, जहां देर रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस परिवार में एक और बच्ची डायरिया पीड़ित है, जिसकी सेहत में सुधार आ रहा है।
दूषित पानी की आपूर्ति करने वालों पर हो कार्रवाई
अतरौलिया। दूषित जलापूर्ति से डायरिया फैलने पर कस्बे के लोग काफी आक्रोशित हैं। उनका कहना कि यदि नगर पंचायत प्रशासन शिकायत पर तत्काल ध्यान दिया होता तो ऐसी नौबत न आती। पाइप लाइन में कई जगह लीकेज है, जिससे दूषित पानी की आपूर्ति होती है। दूषित पानी पीकर ढाई सौ से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए लेकिन नगर पंचायत प्रशासन अब तक लीकेज खोज कर उसे ठीक नहीं करा पाया है। केवल पानी में ब्लीचिंग पाउडर डाल कर आपूर्ति की जा रही है। लोगों ने प्रशासन से मामले जांच करके लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ओआरएस व क्लोरीन की गोली का वितरण कराया जा रहा है। नगर पंचायत को ब्लीचिंग पाउडर मिला कर ही पानी की सप्लाई करने को कहा गया है। सभी मरीजों को बेहतर स्वस्थ्य सुविधा मिले, इसके भी प्रयास किए जा रहे है। डायरिया से दो लोगों की मौत हुई है। इसमें एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित था। शनिवार को पूरे कस्बे की सफाई और सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। - अरविंद सिंह, एसडीएम, बूढ़नपुर।