पूरे प्रदेश सहित जनपद में भी एक अप्रैल से गेहूं खरीद का कार्य शुरू हो गया है। जनपद में गेहूं खरीद का लक्ष्य 58500 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष जनपद में अप्रैल माह के निर्धारित लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। अब जिला प्रशासन मई माह के लक्ष्य की पूर्ति में लगा है।
हालांकि जनपद में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद किन्ही कारणों से नहीं शुरू हो सकी। लेकिन देर से खरीद शुरू होने के बाद भी जिला प्रशासन ने अप्रैल माह के गेहूं खरीद के 5.15 प्रतिशत लक्ष्य को 30 अप्रैल तक हासिल कर लिया। अब जिला प्रशासन मई माह के 30 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति में जुटा हुआ है। डिप्टी आरएमओ सुनील भारती ने बताया कि पिछली बार लक्ष्य पूरा नहीं हो सका था।
इस बार हम किसानों से मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से भी गेहूं खरीद कर रहे हैं। इसके जरिए हम कांटा आदि लेकर किसानों के घर जाकर गेहूं की खरीद कर रहे हैं। इसके लिए किसानों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। गेहूं खरीद के बाद क्रय फसल का मूल्य आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में भेजा जा
रहा है।
उन्होंने बताया कि पूरे जनपद 36 क्रय केंद्र बनाए गए थे। लेकिन किसानों की मांग को देखते हुए दो क्रय और बढ़ाए गए हैं। जिसमें एक पीसीएफ का क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति जिगिनी मेंहनगर में और दूसरा विपणन शाखा का क्रय केंद्र ठेकमा में खोला गया है। उन्होंने किसानों से अपील किया कि वह गेहूं क्रय केंद्र पर अपने गेहूं का विक्रय करें। अगर कहीं कोई परेशानी होती है तो वह उनके नंबर 9454917643 पर संपर्क करें।