मौत के सिलसिले पर विराम न लगने से मित्तूपुर व आसपास के ग्रामों में अभी भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस दोषियों पर कार्रवाई करने और बीमार लोगों को इलाज की व्यवस्था कराने के बजाए घटना को ही दबाने की कवायद में जुटी नजर आई। कहने को तो पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर फोर्स की तैनाती है, लेकिन राहत व बचाव का कोई भी कार्य अब तक क्षेत्र में नहीं शुरू किया जा सका है। वहीं दो गंभीर रामफल व रवि की हालत ज्यादा खराब हो गई है। इनके अलावा भी आधा दर्जन भर लोग विभिन्न अस्पतालों में जीवन मौत से संघर्ष कर रहे है।