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वाराणसी लैब बंद होने से अटकी आजमगढ़ जिले की दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट

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बीएचयू वाराणसी स्थित कोरोना जांच लैब बंद होने से आजमगढ़ जिले के लिए महत्वपूर्ण तीन सैंपलों की तीसरी व दूसरी रिपोर्ट अटक गई है। इन सैंपलों के रिपोर्ट के लिए अब दो से तीन दिनों का इंतजार करना होगा। इन तीन महत्वपूर्ण सैंपलों के साथ ही तीन दर्जन से अधिक अन्य कोरोना संदिग्धों के सैंपलों की रिपोर्ट भी अब अटक गई है। यदि वाराणसी लैब एक-दो दिन में काम करना नहीं शुरू किया तो सभी अटके रिपोर्ट के सैंपल नए सिरे से कलेक्ट कर अन्य केंद्रों पर जांच के लिए भेजना पड़ेगा।
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बीएचयू वाराणसी स्थित कोरोना जांच लैब में कार्यरत एक महिला कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो गई है। जिसके चलते लैब को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और यहां तैनात सभी कर्मचारी क्वारंटीन कर दिए गए है। जिले से वर्तमान में सभी कोरोना संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए बीएचयू स्थित इसी लैब पर जाते थे। वर्तमान में इस लैब पर जिले के तीन महत्वपूर्ण सैंपलों की रिपोर्ट फंस गई है। जिसमें दो सगे कोरोना पॉजिटिव भाई बहनों के तीसरे सैंपल व इनके संपर्क में आई महिला के दूसरे सैंपल की रिपोर्ट शामिल है। ये तीनों ही रिपोर्ट जिले के लिए अति महत्वपूर्ण है।
भाई बहनों के तीसरे सैंपल की रिपोर्ट भी यदि निगेटिव आ जाती है तो ये दोनों कोरोना मुक्त मान लिए जाएंगे क्योकि इनकी दूसरी रिपोर्ट पहले ही निगेटिव आ चुकी है। इन तीन महत्वपूर्ण रिपोर्ट के अलावा तीन दर्जन से अधिक अन्य कोरोना संदिग्धों के सैंपल भी यहां ही जांच के लिए गए हुए थे, जिनकी रिपोर्ट भी अब तक नहीं आई है। यदि दो से तीन दिनों में लैब पर पुन: जांच का काम शुरू नहीं हुआ तो वहां फंसे सभी सैंपल नए सिरे से लेकर अन्य लैब पर जांच के लिए भेजना पड़ेगा। जो स्वास्थ्य महकमे के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बनेगा।
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अब तो सैंपल लेकर जाने वाले कर्मी भी हुए संदिग्ध
आजमगढ़ जिले से बीएचयू वाराणसी स्थित जांच केंद्र पर सैंपल लेकर जाने वाले कर्मचारी भी अब संदिग्ध हो गए है। जिले से दो स्थानों जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कालेज के माध्यम से सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए बीएचयू लैब पर भेजा जाता था। दोनों जगहों से अलग-अलग टीमें जाती थी। प्रत्येक टीम में एक चालक व एक अन्य व्यक्ति शामिल होता था। दोनों स्थानों से सैंपल लेकर प्रतिदिन वाराणसी लैब पर जाने वाले चार कर्मचारी भी अब संदिग्ध हो गए है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लैब से काफी दूरी पर स्थित काउंटर पर ही ये कर्मचारी सैंपल जमा कर वापस लौट आते थे। जिसके चलते लैब के लोगों से इनका किसी भी प्रकार से संपर्क नहीं हुआ है। फिर भी यदि किसी प्रकार के लक्षण इनमें पाए जाएंगे तो निश्चित तौर पर इन कर्मियों का भी सैंपल कलेक्शन करा कर जांच के लिए भेजा जाएगा।
आजमगढ़ सीएमओ डॉ. एके मिश्रा का कहना है कि वाराणसी लैब के बंद होने के चलते जिले के तीन महत्वपूर्ण सैंपलों के साथ ही तीन दर्जन से अधिक सैंपलों की रिपोर्ट अटक गई है। जिसके लिए जिले को अब दो से तीन दिनों का इंतजार करना होगा। यदि लैब नहीं खुलता है तो नए सिरे से सैंपल कलेक्टन कर दूसरे केंद्रों पर जांच के लिए भेजा जाएगा। वाराणसी लैब के बंद होने से सैंपल की जांच का कार्य कुछ प्रभावित हुआ है। लेकिन उम्मीद है कि एक-दो दिन में लैब पुन: काम करने लगेगा। जहां तक सैंपल कलेक्शन लेकर जाने वाले कर्मियों की बात है तो जरूरत पड़ने पर उनकी भी जांच कराई जाएगी।
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