अहरौला क्षेत्र के शाहपुर एवं गौरी के बीच की नहर का तटबंध सोमवार की रात ओवरफ्लो के चलते टूट गया। जिससे लगभग 200 एकड़ फसल जलमग्र हो गई। सुबह उठने पर ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई।
सूचना के बाद भी विभाग का कोई अधिकारी जब मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीण तटबंध को बांधने में जुट गए। 12 बजे विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विभाग की लेटलतीफी से ग्रामीणों में गुस्सा है।
शाहपुर और गौरी के बीच से टांडा सिंचाई खंड अंबेडकर नगर द्वितीय उपखंड की नहर गुजरी है। सोमवार की रात 12 बजे के करीब नहर में अचानक पानी आ गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण पानी ओवरफ्लो कर गया। मरम्मत के अभाव में कमजोर तटबंध पानी के तेज वेग को सह नहीं सका और टूट गया।
देखते ही देखते 200 एकड़ खेत में पानी कमर तक भर गया। नहर टूटने की तेज आवाज सुन ग्रामीण जाग गए। लेकिन रात होने के कारण वे कुछ नहीं कर सके। अपनी फसलों को बर्बाद होते देखते रहे। सुबह होने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना विभाग को दी। जब कोई मौके पर नहीं आया तो ग्रामीण तटबंध को बांधने में जुट गए।
पेडों, को काटकर और बालू की बोरिया डालकर नहर को किसी तरह बांधा। नहर के टूटने से रामपुर, मगारीपुर, बरईपुर कोठा आदि गांवों के ओमप्रकाश मिश्रा, मुकेश चौबे, बृजेश सिंह, श्यामनरायन सिंह, उदयराज सिंह, राकेश सिंह, संजय, कृष्णमाधव मिश्रा, राहुल, महेंद्र यादव, सुनील चौबे किसानों की गेहूं, आलू, सरसों, मटर और चना की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही से यह घटना हुई है। किसानों ने जिलाधिकारी से नुकसान का मुआवजा दिए जाने की मांग की है। उधर दोपहर 12 बजे नहर विभाग के स्थानीय बेलदार और जेई की सूचना पर टांडा सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता विद्या सागर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ओवरफ्लो होने के कारण नहर मे कटान हुई है। मुआवजे के संबंध में बताया कि सिंचाई विभाग मुआवजा नहीं देता है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर ही मुआवजा मिलता है।