पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि आरोपी थाना डीएलएफ क्राइम ब्रांच क्षेत्र के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी कोई विरोध नहीं कर सका और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
पूछताछ में सामने आया कि राहुल यादव वर्ष 2018 से संगठित अपराधों में सक्रिय रहा है। उसने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर आजमगढ़ के बरदह, कोतवाली और देवगांव थाना क्षेत्रों में कई वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस की कार्रवाई तेज होने पर वह अपने परिवार से अलग होकर फरीदाबाद में छिपकर रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, उसके गिरोह के अधिकांश सदस्य पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि राहुल यादव फरार चल रहा था। उसके खिलाफ देवगांव थाने में गैंगस्टर एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 और 2024 में भी उसके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे पंजीकृत किए गए थे। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।