Azamgarh News: आजमगढ़ जिले में तरवां व मेंहनगर के दोनों आरोपियों को हर सोमवार थाने में उपस्थित होना होगा। एसपी के निर्देश पर अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
आजमगढ़ जिले में पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) ने गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को नियमित रूप से थाने में हाजिरी लगाने का आदेश दिया है।
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क्या है पूरा मामला
तरवां थाना क्षेत्र ठाटा गांव निवासी अभिषेक यादव के विरुद्ध गुंडा एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। आदेश के तहत आरोपी को पांच माह तक प्रत्येक सोमवार को थाना तरवां में उपस्थित होकर हाजिरी दर्ज करानी होगी। आदेश का पालन न करने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वहीं मेंहनगर थाना क्षेत्र के फिनीहीनी गांव निवासी लक्ष्मण पांडेय के विरुद्ध भी इसी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए अगले पांच माह तक हर सोमवार को थाना मेंहनगर में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इन आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि भविष्य में अपराध की पुनरावृत्ति न हो।
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एसपी ने कहा कि जनपद में अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
दो अपराधी पांच माह के लिए जिलाबदर, गुंडा एक्ट में हुई कार्रवाई
जनपद में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने दो शातिर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा गुंडा एक्ट के तहत दोनों आरोपियों को पांच माह के लिए जनपद से जिलाबदर कर दिया गया है। मेंहनाजपुर थाना प्रभारी मनीष पाल ने बताया कि क्षेत्र के बेला गांव निवासी प्रत्यांशु सिंह उर्फ भोला सिंह और कूबा खास गांव निवासी रामबदन राम चोरी, गृहभेदन, चोरी की संपत्ति रखने व आपराधिक षड्यंत्र जैसे मामलों में संलिप्त पाए गए थे। इनके विरुद्ध लगातार मिल रही शिकायतों और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार दोनों आरोपियों को 28 मार्च 2026 से आगामी पांच माह तक आजमगढ़ जनपद की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर इनके खिलाफ और कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला कारागार में हुए फर्जीवाड़ा मामले में 1.43 लाख रुपये वापसी का आदेश
आजमगढ़ शहर कोतवाली में जिला कारागार के सरकारी खाते से कूटरचना कर निकाली गई धनराशि के मामले में पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के बाद न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायालय ने आरोपियों बैंक खातों में जमा 1 लाख 43 हजार 2 रुपये को पुनः सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि जिला कारागार प्रशासन की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया था कि रामजीत यादव उर्फ संजय, शिवशंकर उर्फ गोरख, मुशीर अहमद एवं अवधेश कुमार पांडेय ने आपसी साठगांठ कर कार्यालय से चेकबुक हासिल कर धोखाधड़ी करते हुए सरकारी धन का गमन किया। इस मामले में कोतवाली में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए पाया कि फर्जी तरीके से ट्रांसफर की गई धनराशि आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों में शेष और होल्ड के रूप में मौजूद है, जिसकी कुल राशि 1,43,002 रुपये है। इस संबंध में पुलिस ने न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत की। पुलिस की पैरवी को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने उक्त धनराशि को जिला कारागार के सरकारी खाते में वापस जमा कराने का आदेश दिया।