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दो नाव पलटी, डूब कर बच्ची की मौत, 17 बाल-बाल बचे

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लाटघाट। देवरांचल में बाढ़ कहर अब जानलेवा साबित होने लगा है। शुक्रवार को बाढ़ के पानी के बीच से बंधे की तरफ आ रही दो नांव अलग-अलग स्थानों पर पलट गई। जिसमें एक बच्ची की डूब जाने से मौत हो गई तो वहीं 17 लोगां को स्थानीय लोगों की मदद से बचा लिया गया है। जिसमें एक महिला की हालत गंभीर बतायी जा रही है। बाढ़ के पानी मं नाव डूबने की जानकारी होते ही प्रशासनिक हमले में हड़कंप मच गया। एसडीएम अरविंद कुमार सिंह, सीओ मनोज यादव के साथ ही पूरा प्रशासनिक अमला बंधे पर पहुंच गया।
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रौनापार थाना क्षेत्र के साहडीह गांव निवासी रमेश अपनी आठ वर्षीया पुत्री सलोनी व एक अन्य व्यक्ति के साथ नाव पर बैठ कर बंधे की तरफ जा रहा था। गांव से कुछ ही दूरी पर बाढ़ के पानी में नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे नाव पर सवार रमेश, उसकी पुत्री सलोनी व एक अन्य व्यक्ति डुबने लगे। ग्रामीणों ने नाव को पलटते देखा तो तत्काल बचाव में जुट गए। रमेश व एक अन्य व्यक्ति को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया लेकिन 8 वर्षीया मासूूम बच्ची की घाघरा की जलधारा में डूब जाने से मौत हो गई। बच्ची का शव नदी से निकलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां बिंदू का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। वहीं दूसरा हादसा मानिकपुर ढाला के पास शाम छह बजे के लगभग हुआ। यहां भी नाव पलटने से नाव पर सवार 15 लोग डूबने लगे। कुछ लोगों का तैरना आता था जो तैर कर किसी तहर किनारे पहुंचे तो वहीं अन्य को ग्रामीणों ने ही किसी तरह उफनाई घाघरा नदी की पानी से बाहर निकाला। इस हादसे में 45 वर्षीय रमावती की हालत गंभीर बतायी जा रही है। उसे अस्पताल भेज कर भर्ती कराया गया है। शेष बचाये गए लोगों में 25 वर्षीया सुरेखा, 1 वर्षीया अनन्या, 70 वर्षीय बुधराम, बृजेश, विनोद, रामजीत, सीमा समेत 15 लोग शामिल है। दो-दो नाव के घाघरा की जलधारा के बीच पलटने की जानकारी होते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसडीएम अरविंद कुमार, सीओ मनोज यादव, तहसीदार बृजेंद्र उपाध्याय, नायब तहसीलदार मयंक मिश्रा समेत रौनापार पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटना के घंटो बाद तक एनडीआरफ व पीएसी की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। बाल-बाल बचे सभी 17 लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से ही बचाया गया।
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