आजमगढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चन्द ने शनिवार को जानलेवा हमले में दो आरोपियों को सात-सात साल की कैद व प्रत्येक पर 13-13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
वादी मुकदमा राजेश राय पुत्र रमाकांत राय निवासी कोईलारी थाना जहानागंज न रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 मार्च 2012 की शाम पांच बजे अपने भाई मयंक राय के साथ परदेसी मोड़ जा रहा था। रास्ते में पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही दुर्गविजय राय पुत्र खुद्दी राय, विजय प्रताप राय व नीरज राय पुत्र दुर्ग विजय राय और सूबेदार पुत्र रामचंद्र राय ने उनका रास्ता रोक लिया। दुर्ग विजय राय के ललकारने पर सूबेदार व विजय प्रताप ने जान से मारने की नियत से मयंक राय पर चाकू से हमला कर दिया। इससे मयंक राय बुरी तरह से घायल हो गया। पुलिस ने जांच के बाद दुर्ग विजय राय, सूबेदार राय व विजय प्रताप के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी और ओम प्रकाश मिश्र एडवोकेट ने वादी राजेश राय, उपनिरीक्षक सुखराम यादव, डॉ. आरके यादव, सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक मोहम्मद सलीम जावेद और डॉ. विवेक प्रकाश को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। मुकदमा के दौरान आरोपित दुर्गा राय की मौत हो गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सूबेदार और विजय प्रताप राय को सात-सात साल के कठोर कारावास व प्रत्येक को 13-13 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।