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UP Crime: एंटी करप्शन अधिकारी बनकर 35 लाख की ठगी करने के दो आरोपी गिरफ्तार, फ्रॉड से बचने के लिए रहें सावधान

Thu, 26 Jun 2025 09:28 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

आजमगढ़ जिले की पुलिस ने 35 लाख की ठगी का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस की एक टीम ने गुजरात पहुंचकर जालसाजों को पकड़ा। 
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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीबीआई और एंटी करप्शन अधिकारी बनकर रिटायर्ड पुलिस निरीक्षक से 35 लाख रुपये की ठगी करने के दो साइबर अपराधियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सरवैया कौशिक और भगीरथ सिंह जाला को गुजरात के भावनगर से गिरफ्तार किया गया है।
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एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि 23 फरवरी को एक रिटायर्ड पुलिस निरीक्षक ने साइबर थाने में तहरीर दी थी। बताया था एक व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया और कई बार में कुल 35 लाख रुपये खाते से ट्रांसफर करवा लिए।

शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। एसएसपी हेमराज के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक विभा पांडेय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद यादव की अगुवाई में एक टीम गठित कर गुजरात भेजी गई।
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तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को भावनगर, गुजरात से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सरवैया कौशिक, निवासी मफतनगर, भावनगर, गुजरात और भगीरथ सिंह जाला निवासी पटेलनगर, चित्रा, भावनगर, गुजरात शामिल हैं।
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इस तरह करते थे अपराध

एसपी चिराग जैन ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और खुद को अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करते थे। वे पीड़ितों से पैसे फर्जी खातों में जमा कराते और फिर एटीएम व चेक के जरिये निकालकर आगे भेज देते थे।

बरतें ये सावधानी
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं। ओटीपी, पासवर्ड या व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें। अजनबी नंबर से आई कॉल्स पर सतर्क रहें। डिजिटल अरेस्ट जैसी किसी कॉल से डरें नहीं, ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। संदिग्ध लिंक या मेसेज पर क्लिक न करें।
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