आजमगढ़। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मंगलवार को निष्ठा और संकल्प के साथ मनाया गया। करतालपुर स्थित जीडी ग्लोबल स्कूल में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर कार्यक्रम में प्रबंधक गौरव अग्रवाल, प्रधानाचार्य विधान तिवारी ने डा. कलाम के जीवन के बारे में बच्चों को बताया। डॉ. कलाम ने हमें जीवन में सदैव अपने लक्ष्य के प्रति प्रयासरत रहने और कभी हार न मानने की सीख दी।
इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय सरायमीर द्वितीय में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर मिसाइल मैन के चित्र पर माल्यार्पण कर नगर पंचायत सरायमीर ईओ रंगबहादुर सिंह ने की। कहा कि सपने वो नहीं जो आप सोने के बाद देखते हैं, सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते। इस वाक्य को अगर हम अपने जीवन का लक्ष्य बना ले तो सफलता हमारे कदमों में होगी। इस मौके पर प्रधानाध्यापक अभिमन्यु यादव, उषा, सपना, रंजना प्रजापति, भवानी सिंह आदि मौजूद रहे। बूढ़नपुर में प्राथमिक विद्यालय भैरोपुर के बच्चों ने विज्ञान प्रदर्शनी लगाई। बच्चों ने मिशन चंद्रयान 2, वाटर हार्वेस्टिंग, प्रदूषण, पवन चक्की, पाचन तंत्र, कचरा निस्तारण, रोबोट, गणितीय प्रतीकों आदि के मॉडल बनाए। चंद्रयान-2 के लिए सत्यम व अरुण और रोबोट के लिए इंद्रेश कुमार को पुरस्कृत किया गया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरिलाल प्रजापति, प्रधानाध्यापक सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, संजय कुमार, वंदना, अजय कुमार पांडे, चंद्रशेखर विश्वकर्मा, सोनी गुप्ता, हरेंद्र यादव, ललिता पांडे, चंद्रावती पांडे, सुनीता राव, रिचा मिश्रा आदि रहीं।
वहीं सामाजिक संगठन प्रयास ने डॉ. अंबेडकर पार्क में डॉ. कलाम की जयंती मनाई। अध्यक्ष रणजीत सिंह ने कहा कि कलाम साहब का जीवन महानता का राजपथ है जिस पर चलकर महानता को अर्जित किया जा सकता है। उनके खोजों व सामरिक, आंतरिक्ष के शोध आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करती रहेंगी। कोषाध्यक्ष वीरेंद्र पाठक ने कहा कि बतौर राष्ट्रपति मिसाइलमैन जब आजमगढ़ की धरती पर आये थे तो उन्होंने छोटे से दुकान पर रुककर चाय पी और दुकानदार को अपना ऑटोग्राफ भी दिया। यही सरलता उन्हें औरों से अलग करती है। उनका संपूर्ण जीवन ही आत्मसात करने योग्य है।