जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि देते सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी। श्रोत-पार्टी
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी कार्यालय में समाजवादी आंदोलन के योद्धा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र की 93वीं जयंती मनाई गई। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव ने कहा कि उन्हें जनेश्वर मिश्र के साथ कार्य करने का अवसर मिला था।
पांच अगस्त 1933 को बलिया के शुभनथहीं गांव में जन्मे जनेश्वर मिश्र छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हुए और डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित होकर समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए। पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्र के कर्म और वचन में एकरूपता थी। जयराम सिंह पटेल ने कहा कि उन्होंने संविधान और लोकतंत्र को मजबूत करने के साथ गैरबराबरी और असमानता के खिलाफ लगातार संघर्ष किया।
जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्र और मुलायम सिंह यादव ने डॉ. लोहिया के साथ रहकर समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाया। इनके प्रयासों से उत्तर प्रदेश में समाजवादी विचारधारा की सरकारें बनीं। संचालन सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, उधम सिंह राठौर, शिव सागर यादव, जोरार खान, सूरज राजभर, सुशील आनंद, अब्दुल्ला अलाउद्दीन आदि मौजूद रहे। संवाद