फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: मंडल के 60 होटलों में नहीं लगे ट्रीटमेंट प्लांट

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। मंडल के तीनों जनपदों में 60 होटल बिना ट्रीटमेंट प्लांट के ही चल रहे हैं। पांच को छोड़ किसी में भी प्रयोग किए गए पानी को शोधित करने की व्यवस्था नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इनको नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। नोटिस का पालन न करने वाले होटलों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
विज्ञापन

आजमगढ़, मऊ और बलिया जिले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 65 होटलों को चिह्नित कर जांच की तो पता चला कि 60 होटलों में प्रयोग किए गए पानी को बिना शोधित कर ही छोड़ दिया जा रहा है। इससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से होटल संचालकों को अपने-अपने होटल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर विभाग से सहमति प्राप्त करने का निर्देश दिया था ताकि, होटलों में प्रयोग किए जल को बिना ट्रीटमेंट किए बाहर न बहाया जा सके। इन होटलों में सफाई, धुलाई व अन्य दैनिक क्रिया के लिए बड़े पैमाने पर पानी का प्रयोग किया जाता है। प्रयोग किए गए पानी के ट्रीटमेंट की इनके पास कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण संचालक होटल में प्रयोग किए गए पानी को बिना ट्रीटमेंट किए ही नदी, नालों में बहा दे रहे हैं। बोर्ड अब इनके खिलाफ नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
इनमें है पानी शोधित करने की व्यवस्था
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार आजमगढ़ में गोल्डेन फार्च्यून, दीप कांटीनेंटल सहित चार होटल में प्रयोग किए गए पानी को शोधित करने की व्यवस्था है। मऊ में किसी भी होटल में यह व्यवस्था नहीं लगी है जबकि बलिया जनपद में मात्र एक होटल में एसटीपी बनी है।
विज्ञापन

प्रतिदिन का 6250 रुपये जुर्माने का है प्रावधान
जिन होटलों में प्रयोग किए गए पानी के शोधित करने की व्यवस्था नहीं है। उनके पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इन पर 6250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाने का प्रावधान है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की तरफ से होटलों को पहले एसटीपी बनाने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस का पालन न करने वालों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाया जाएगा।
मंडल में पांच होटलों में प्रयोग किए गए पानी को शोधित करने की व्यवस्था है। अन्य में यह व्यवस्था नहीं है। इन सबको नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस का पालन न करने वाले होटल संचालकों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए जुर्माना लगाया जाएगा। - आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें