आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ऊर्जा मंत्री एके शर्मा मंडलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में तमाम निर्देश दिए थे। लेकिन उनके निर्देशों का अनुपालन फिलहाल बिजली विभाग पर नहीं दिख रहा है।
उमसभरी गर्मी से हर कोई परेशान है, तो किसानों को धान की फसल बचाने के लिए पानी चाहिए। इसे सीएम और ऊर्जा मंत्री ने भी महसूस किया। विभाग के अफसरों को ट्रांसफॉर्मर को 48 घंटे के अंदर बदलने का आदेश जारी किया। उसके बाद विभागीय उच्चाधिकारियों ने भी इसके अनुपालन के लिए आदेश जारी किया, लेकिन उनका यह आदेश अधिकारियों की मनमर्जी से परवान नहीं चढ़ पा रहा है। वर्तमान में स्टोर जेई की कृपा जिस गांव पर होगी उसी को ही ट्रांसफॉर्मर मिलेगा। कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है बिलरियागंज विकास खंड के पहलवानपुर गांव के जले ट्रांसफॉर्मर को लेकर। 14 दिन से गांव का ट्रांसफॉर्मर जला है। उसे बदलने के लिए स्टोर में अधिशासी अभियंता और एसडीओ से मार्किंग कराकर भेज दिया गया है। इसके बाद भी जेई साहब की मेहरबानी नहीं हो रही है, जिसके कारण जहां किसानों की फसल सूख रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ और उर्जा मंत्री द्वारा बिजली विभाग के अधिकारियों को हर हाल में 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदलने का निर्देश दिया है। लेकिन, अधिकारियों की मनमानी शासन के इस आदेश पर भारी पड़ रही है।
विभाग के जेई ने ट्रांसफॉर्मर के लिए स्टोर में नंबर भी लगा दिया। इसके बाद भी ट्रांसफॉर्मर बदला नहीं गया। तब इसके लिए स्टोर के अधिशासी अभियंता और एसडीओ से मार्क कराकर स्टोर में भेजा गया था। इसके बाद जब स्टोर के जेई से बात की गई तो उनके द्वारा कहा गया कि बृहस्पतिवार की सुबह तक स्टोर से पहलवानपुर के लिए ट्रांसफार्मर निकल जाएगा। लेकिन, सुबह तक तो क्या शाम तीन बजे तक ट्रांसफॉर्मर स्टोर से नहीं निकला। इस संबंध में जब अधिशासी अभियंता को फोन किया गया तो उन्होंने जब जेई को फोन किया तब जाकर ट्रांसफॉर्मर स्टोर रूम से निकलकर पहलवानपुर के लिए रवाना हुआ।
हर जगह की हालत एक समान
जनपद में जहां भी ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। सबकी हालत ऐसी है। लोग अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे और जेई साहब अपनी मनमर्जी से गांवों को ट्रांसफॉर्मर भेज रहे हैं। जिसका खामियाजा किसानों और आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि विभाग का दावा है कि उसके पास 80 ट्रांसफॉर्मर तैयार स्टोर में रखे हैं। अगर इस दावे में सच्चाई है तो जले ट्रांसफॉर्मरों को बदलने में इतना समय क्यों लग रहा है। यह बताने वाला कोई नहीं है।