आजमगढ़। सगड़ी तहसील के पलिया कांड में पुलिस व प्रशासनिक अमला पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया है। प्रधान समेत आधा दर्जन लोगों के घरों में हुई तोड़फोड़ का हर्जाना देने की बात स्वीकार करने के साथ ही सीओ सगड़ी पर भी गाज गिरी है। एसपी ने उन्हें सगड़ी से स्थानांतरित कर दिया है।
मारपीट के एक मामले की जानकारी होने पर जब रौनापार थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो हमलावरों ने पुलिस कर्मियों पर ही हमला कर दिया था। जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान पलिया मुन्ना के अलावा उसके आधा दर्जन समर्थकों के घरों को जेसीबी लगवा कर तोड़वा दिया था। इतना ही नहीं घर में घुस कर भी पुलिस ने तोड़फोड़ किया गया था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा व बसपा प्रमुख मायावती के ट्वीट के बाद मामला तूल पकड़ लिया था। गांव की महिलाओं ने गांव में ही धरना शुरू कर दिया। विभिन्न राजनैतिक दलों ने धरने को समर्थन भी दिया था। प्रधान परिवार की एक महिला का वीडियो भी वायरल हुआ। जिसमें उसने सीओ सगड़ी गोपाल स्वरूप बाजपेई पर गंभीर आरोप लगाए। इस मामले में अब पुलिस व प्रशासनिक महकमा पूरी तरह से बैकफुट पर है। पुलिस व प्रशासन ने ग्राम प्रधान व धरनारत महिलाओं को घरों में हुई तोड़फोड़ का हर्जाना देने का आश्वासन देकर शनिवार को धरना समाप्त करवाया तो वहीं सीओ सगड़ी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें स्थानांतरित कर दिया। उनके स्थान पर सीओ बूढ़नपुर महेंद्र शुक्ला को सगड़ी का नया क्षेत्राधिकारी बनाया गया है। प्रधान की माने तो रविवार को डीएम व एसपी ने गांव में पहुंचने का आश्वासन दिया है।