आजमगढ़। साल 2021 खत्म होने में अब महज कुछ ही दिन बचे हुए हैं। साल 2020 के बाद यह साल भी कोरोना वायरस महामारी के चलते इतिहास में अपनी पहचान बनाने जा रहा है। कई दशकों बाद ऐसी महामारी ने दुनिया को चपेट में लिया, जिसके चलते लाखों लोगों की जान चली गई। इस गम व खुशी के बीच जिले ने कुछ पाया तो कुछ अभी बाकी है। साल 2021 में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिले से होकर राजधानी लखनऊ को जाने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जनता को समर्पित किया। वहीं यशपालपुर-आजमबांध में महाराजा सुहेलदेव के नाम से आजमगढ़ की जनता को राज्य विश्व विद्यालय की बहुप्रतीक्षित सौगात दी। यह राज्य विश्व विद्यालय नए वर्ष 2022 में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखेगा। जिससे जिले को एक अलग पहचान मिलेगी।
काशी की राह हुई सुगम
आजमगढ़। जनपद में सड़क को लेकर बात करें तो काशी की राह बहुत कठिन है। फोरलेन पर फर्राटा भरने की चाह में कमर और फेफड़ों की फजीहत हो रही है। एनएच-233 वाराणसी से शुरू होकर आजमगढ़ में गोमाडीह, बूढनपुर, अतरौलिया होते हुए लुंबिनी को जा रही है। जनपद में इसकी लंबाई लगभग 177 किमी है, जिसका कार्य प्रगति पर है। जनपद में दो कंपनियों की ओर से इसका निर्माण किया जा रहा था। इसमें एक कंपनी दिलीप बिल्डकान अपना काम पूरा कर चुकी है। दूसरी कंपनी गायत्री प्रोजेक्ट का कार्य अभी बाकी है। अप्रैल 2020 तक उपयोग के लिए जनता को पूर्ण रूप से समर्पित करने की योजना बनाई गई है।
मंदुरी एयर पोर्ट से उड़ान को हरी झंडी का इंतजार
आजमगढ़। मंदुरी में रीजीनल कनेक्टविटी स्कीम के अंतर्गत नो-फिल्स एयर पोर्ट का करीब बीस करोड़ सात लाख लागत से निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल मंदुरी एयर पोर्ट से जल्द उड़ान शुरू होने की बात तो की जा रही लेकिन अभी तक इसका लोकार्पण नहीं हो सका है। हालांकि एयर पोर्ट पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां से उड़ाने के लिए दिल्ली से हरी झंडी का इंतजार है। लाइसेंस प्रकिया पूरी होते ही उड़ान शुरू हो जाएगी। उधर, एयरपोर्ट अथारिटी के निर्देश पर प्रशासन ने उड़ान में बाधा बन रहे पेड़, मकान व बिजली पोल को हटवा दिया है। आवश्यक उपकरण भी इंस्टाल कर दिए गए हैं।
राज्य विश्व विद्यालय का तोहफा
आजमगढ़। जनपदवासियों को राज्य विश्व विद्यालय का तोहफा मिला है। आजमबांध-यशपालपुर में राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण होना है। जिसके लिए जमीन की खरीद काफी पहले पूर्ण हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग को इसका निर्माण कराने के लिए मॉनिटरिंग एजेंसी नियुक्त किया है, जो ईपीसी मोड पर निर्माण कराएगा। राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण दो चरणों में होना है। पहले चरण में प्रशासनिक भवन और शैक्षणिक भवनों का निर्माण होना है। उसमें से पहले चरण में होने वाले निर्माण के लिए शासन ने 11992.56 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय का संचालन शैक्षिक सत्र 2022-23 में किए जाने के दृष्टिगत प्रश्नगत भवनों का निर्माण जून, 2022 तक पूर्ण कराया जाना अपेक्षित है।
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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से सफर आसान
आजमगढ़। आजमगढ़ से लखनऊ जाने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे सबसे छोटा रास्ता हो गया है। दोनों शहरों के बीच की दूरी 23 किलोमीटर कम हो गई है। इसके साथ ही छह लेन वाले इस मार्ग पर वाहनों की रफ्तार भी तकरीबन दो गुना हो जाएगी। साढ़े तीन घंटे में सफर पूरा हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे बसे नौ जिलों में औद्योगिक गलियारा बनने से कारोबार को भी पंख लगेंगे ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।