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व्यापारियों ने भरी हुंकार, देशहित से बड़ा नहीं है व्यापार

Mon, 03 Oct 2016 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
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चाइनीज बाजार
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पीओके में आतंकवादी शिविर पर भारतीय सेना की ओर से की गई कार्रवाई के बाद चीन ने भारत को पानी देना बंद कर पाकिस्तान के समर्थन में उतरने की बात जाहिर की है। इसको देखते हुए जिले के युवाओं ने जिले में चीन के उत्पादों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। 
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जिले में चाइनीज वस्तुओं की बिक्री पर नजर डालें तो महीने में सिर्फ 20 लाख रुपये के खिलौने बिकते हैं। चाइनीज झालरों, चाकू, टार्च, बैट्री को जोड़ दें तो चीन का जिले में करोड़ों का कारोबार हो जाएगा। युवाओं का कहना है कि चीन की हरकत आज हर किसी को सोचने पर विवश कर रही है। अगर आज भारत जैसे विशाल देश में लोग चाइनीज सामानों के बहिष्कार करने का निर्णय ले लें तो चीन को अपनी अर्थव्यवस्था संभालनी मुश्किल होगी।

जनपद में बड़े पैमाने पर चाइनीज खिलौनों और सामानों का कारोबार करने वाले एक व्यापारी ने कहा कि पहले देश है उसके बाद व्यापार। हम तो चाइनीज सामानों के कारोबार का बहिष्कार करने के लिए तैयार हैं।
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युवा रजनीश कुमार राय ने कहा कि चाइनीज सामानों का देश में बहुत बड़ा कारोबार है। इस कारोबार से चीन को आर्थिक फायदा पहुंचता है। लेकिन आज चीन ने ब्रहमपुत्र के पानी को बांधकर खुले तौर पर पाकिस्तान का साथ दिया है। ऐसी दशा में हम देशवासियों का भी फर्ज बनता है कि हम चीनी सामानों का बहिष्कार करें। ताकि चीन को आर्थिक क्षति उठाना पड़े। कहा कि हम दीवाली पर चाइनीज झालरों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। 

मोहम्मद अफजल ने कहा कि भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवाद पर लगाम लगाने का प्रयास किया। ऐसे में चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को बांधकर पाकिस्तान का समर्थन किया है। इसलिए चाइनीज सामानों का बहिष्कार कर हमें भी चीन को सबक सिखाना चाहिए। 

व्यवसायी एसके सत्येन ने कहा कि चाइना एक तरफ हमारे देश में व्यापार कर अरबों रुपये की आमदनी करता है। इससे उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। वहीं, दूसरी तरफ हमारे अपने संसाधनों का इस्तेमाल पाकिस्तान की मदद करता है। ऐसे में हम सभी का यह फर्ज है कि हम जिले में चाइनीज सामानों का पूर्ण रूप बहिष्कार करें ताकि चीन का इसका सबक मिल सके। वह समझे कि भारत विरोधी गतिविधियों से उसका भला नहीं होगा।

राजीव कुमार ने कहा कि एक तो चीन हमारे देश में व्यापार कर आर्थिक स्थिति मजबूत करता है। दूसरी तरफ हमें की बंदर घुड़की देता है। सरकार को चाहिए वह चाइनीज सामानों पर प्रतिबंध लगाए और जनता भी चाइनीज सामानों का बहिष्कार करे ताकि चीन को एक सबक मिल सके।
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