आजमगढ़। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में व जनपद न्यायाधीश दिनेश चंद की अध्यक्षता में शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। आयोजित इस लोक अदालत में 65,973 मुकदमें पेश किए गए। जिसमें शाम तक चली लोक अदालत में कुल 43,297 मुकदमे निस्तारित किए गए। जब कि बैंकों से लिए गए ऋण व बीएसएनएल के प्री लिटिगेशन से संबंधित 1518 वादों के निस्तारण में 34,2,45,000 का समझौता किया गया।
लोक अदालत के उद्घाटन के बाद नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ओम प्रकाश वर्मा और सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण अनीता की देखरेख में अदालतों के पीठासीन अधिकारियों ने अपने लक्ष्य के सापेक्ष मुकदमों के निस्तारण में जुट गए। इस संबंध में विधिक सेवा के सचिव ने बताया कि अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,जनपद न्यायाधीश की अदालत से कुल 34 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश लालता प्रसाद की अदालत से 46वादों सहित कुल 71 वादों का पारिवारिक न्यायालय द्वारा निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण के कुल 22 वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भगवान दयाल भारती की अदालत से कुल दो मुकदमों का निस्तारण किया गया। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट शिवचंद की अदालत द्वारा 20 मुकदमों का निस्तारण किया गया। नोडल अधिकारी ओम प्रकाश वर्मा की अदालत से दो वाद निस्तारित किए गए। इसी क्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से कुल 2081वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 19,7400 रुपये की धनराशि अर्थदंड लगाया गया।
दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला जज दिनेश चंद ने लोक अदालत के उद्देश्य और उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला कहा कि इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा मुकदमों का निस्तारण कराना होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का निस्तारण दोनों पक्षों की सहमति से किया जाता है। इसमें किसी पक्ष की हार नहीं होती है। ऐसे मामलों के निपटाए जाने पर दोनों का सौहार्द बना रहता है। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान समस्त न्यायिक अधिकारी, वादकारी, अधिवक्तागण उपस्थित रहे।