आजमगढ़। बच्चों का कुपोषण दूर करने के लिए मां को माथे से सुहाग की निशानी बिंदी हटानी पड़ रही है। जब से पोषाहार लेने के लिए पोषण ट्रैकर एप पर चेहरे का मिलान कराया जा रहा है, तभी से ऐसा करना पड़ रहा है। बिंदी हटाए बिना चेहरे का मिलान नहीं हो रहा है। इसके अलावा हिजाब पहनकर भी फोटो का मिलान नहीं हो रहा है और इसलिए पंजीकरण की रफ्तार धीमी है।
महिलाओं को हर महीने पोषाहार मिलता है, लेकिन अगस्त महीने से पोषण ट्रैकर एप पर लाभार्थियों को चेहरे का मिलान होने पर ही पोषाहार मिलेगा। बच्चों की माताओं तथा लाभार्थी महिलाओं के मोबाइल फोन से फोटो खींचकर पोषण ट्रैकर एप पर अपलोड कर पंजीकरण कराया जा रहा है।
ये आ रही समस्याएं
- सर्वर धीमे चल रहा है।
- लाभार्थियों के आधार में लिंक मोबाइल नंबर का न होना।
- फेस वेरीफिकेशन में समस्या।
फोटो का मिलान नहीं होने की समस्या सबसे ज्यादा आ रही है। हिजाब तथा बिंदिया के कारण भी फोटो का मिलाना नहीं हो रहा। आधार बनवाते समय उन्होंने न हिजाब पहन रखा था और न बिंदिया लगा रखी थी। इसके अलावा गांवों में इंटरनेट की स्पीड भी बड़ी समस्या है। तय समय में कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।-हेमंत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी