अनियमित जीवनशैली से शरीर में हार्मोनल संतुलन बिगड़ रहा है। इससे थायरॉइड के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 300 मरीज आ रहे जिसमें 40 से 45 मरीज थायरॉइड के मिलते हैं। डॉक्टर मरीजों का इलाज के साथ जीवनशैली में बदलाव की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉक्टर आरके कुशवाहा ने बताया कि थायरॉइड की समस्या सभी उम्र के लोगों में बढ़ती हुई देखी जा रही है। हमारे गर्दन में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि जब बहुत अधिक या बहुत कम हार्मोन का उत्पादन करने लगती है, तो इसके कारण कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।
थायरॉइड के चलते मोटापा, बीपी, मधुमेह, लिवर, हृदय के अलावा ब्रेन सिस्टम को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि हमारी जीवनशैली और खान-पान की गड़बड़ी इन विकारों को बढ़ाने वाली हो सकती है, जिसके बारे में सभी लोगों को जानना और बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहना चाहिए। सही आहार, नियमित व्यायाम जैसे उपायों की मदद से आप इन समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
यह करें थायरॉइड के मरीज
- 30 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से थायरॉइड टेस्ट कराते रहना चाहिए।
- आयोडीन युक्त भोजन (नमक, दही, केला, मछली), साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
- नियमित व्यायाम की आदत बनाएं। सर्वांगासन, हलासन, भुजंगासन जैसे योग इस रोग में काफी फायदेमंद है।
- थायरॉइड हार्मोन असंतुलन के कारण नींद की समस्या हो सकती है। कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूरी है।
- फास्ट फूड्स, ज्यादा तला-भुना खाना या मीठे पेय पदार्थों से बचें।