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पकड़े गए रेल के तीन कूटरचित टिकट, सफर पर लगा दी रोक

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आजमगढ़। कोविड-19 के दौरान रेलवे स्टेशनों पर कड़ा पहरा और सघन जांच होने के बावजूद ट्रेनों में टिकट धांधली और अवैध तरीके से यात्रा करने के मामले सामने आए रहे हैं। रेल द्वारा बृहस्पतिवार को गोदान एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन के समय सघन टिकट जांच के दौरान ऐसे चार मामले पकड़े गए। जिसमें तीन मामले वरिष्ठ नागरिककों के कोटे से टिकट बुक कर टिकट में कूट रचित किया गया था। वहीं एक तत्काल टिकट पकड़ा गया जो पीआरएस काउंटर से निकाला गया था। जिसके प्रिंट लेकर यात्री सफर करने जा रहा था जो मान्य नहीं होता है। इन चारों यात्रियों को यात्रा करने से रोक दिया गया और उनसे पूछताछ की गई।
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रेलवे अब धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था को पटरी से उतरने से रोकन के लिए ट्रेन का पटरी पर सीमित संचालन शुरू किया है। वहीं टिकट दलाल इसे लेकर सक्रिय हो गए हैं। इनपर अंकुश लगाने के लिए मंडल वाणिज्य निरीक्षक अखिलेश सिंह ने अभियान चलाकर टिकटों की जांच की। जांच में सामने आया कि जिस टिकट पर यात्री सफर कर रहे हैं वह टिकट कूटरचित तरीके से बनाया गया है। कम उम्र की लोगों के भी तत्काल टिकट वरिष्ठ नागरिक दिखाकर बनाया गया है। ऐसे कई मामले सामने आए जो रेलवे राजस्व को क्षति पहुंचा रहा है। वहीं इसका परिणाम ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
जनपद के परशुरामपुर निवासी शमीम मुंबई जाने के लिए गोदान एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का टिकट एक दलाल के माध्यम से बुक कराया। दलाल ने उसे आठ अक्टूबर का टिकट मुंबई जाने के लिए उपलब्ध करा दिया। शमीम जब आजमगढ़ रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने आया तो टीईटी ने उसे पकड़ लिया। टीईटी ने जब उसका ई-टिकट लिस्ट से मिलान किया तो उसकी टिकट व लिस्ट में अंकित उम्र में अंतर मिला। लिस्ट में उसकी उम्र 60 साल दिखाई गई है और टिकट में 34 साल अंकित है। जांच के बाद पता चला कि टिकट कूटरचित तरीके से बनाया गया है।
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परशुरामपुर निवासी रामकेवल मुंबई जाने के लिए बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन आजमगढ़ पहुंचे। वहां मौजूद टीईटी ने जब उनका टिकट अपने लिस्ट से मिलान किया तो उम्र में अंतर मिला। जांच में पता चला कि रामकेवल की असली उम्र 38 वर्ष है। जबकि उसकी उम्र 60 वर्ष दिखाकर वरिष्ठ नागरिक के कोटे से बुक कराया गया है। कूटरचित कर उसके ई-टिकट में उनकी उम्र 38 वर्ष ही अंकित किया गया है। टीईटी ने उन्हें ट्रेन से नीचे उतार दिया।
एक व्यक्ति ने मुंबई के लिए ई-टिकट बुक कराई थी। टिकट निकालने वाले व्यक्ति ने उनकी उम्र 63 वर्ष दिखाकर वरिष्ठ नागरिक के कोटे से ई-टिकट बुक की थी। इसके बाद कूटरचित कर ई-टिकट में उनका असली उम्र दर्शाया गया था। जब आरक्षण की लिस्ट से मिलान किया गया तो मामला सामने आ गया। टीईटी ने यात्री को सफर करने से रोक दिया और उनसे पूछताछ की।
टिकट जांच के दौरान एक यात्री पीआरएस काउंटर से निकला तत्काल टिकट का प्रिंट लेकर यात्रा करते पाया गया जो मान्य नहीं होता है। जांच टीम ने वर्जिनल टिकट मांगा लेकिन वह नहीं दिखा सके। टीईटी ने उन्हें यात्रा करने से रोक दिया।
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