आजमगढ़। मिर्जापुर ब्लाक के गांव बस्ती के प्रधान गजराज यादव के खिलाफ शिकंजा और कस गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद तीन सदस्यीय जांच में भी मनरेगा की मजदूरी हड़पने की पुष्टी हुई है। इसके साथ ही अपात्रों के जाबकार्ड बनवाने का भी मामला पकड़ में आया है। डीएम ने पंचायरी राज एक्ट के तहत प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो प्रधान के वित्तीय अधिकारी सीज किए जा सकते हैं।
ब्लाक मिर्जापुर के गांव ग्राम पंचायत बस्ती के प्रधान गजराज यादव के विरूद्ध मनरेगा मजदूरों उर्मिला देवी, सोना देवी, चंद्रकला, शिमला ने श्रमिकों का फर्जी जॉब कार्ड बनवाकर संबंधित व्यक्तियों को 200 से 500 रुपये देकर शेष धनराशि हड़प लिए जाने के शिकायत की थी। डीएम ने इसकी जांच उपायुक्त श्रम रोजगार की अध्यक्षता में त्रिसदस्यीय समिति से कराई। जांच आख्या के आधार पर शिकायत सही पाई गई है। इसके ग्राम अतिरिक्त ग्राम प्रधान गजराज यादव द्वारा रामकिशोर यादव, रमाशंकर, अखिलेश यादव, रजनीश यादव, रमापति प्रजापति, दीनदयाल विश्वकर्मा, रीता यादव, अवधेश सिंह, दूबेलाल यादव व बद्दू उर्फ रामनयन का मनरेगा जॉबकार्ड बनवाया गया जो अपात्र मिले हैं। इसके लिए ग्राम प्रधान दोषी है। डीएम ने ग्राम पंचायत बस्ती के प्रधान गजराज यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे पहले प्रधान के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
साल्हेपुर के प्रधान भी फंसे, नोटिस
आजमगढ़। ब्लाक अजमतगढ़ ग्राम पंचायत साल्हेपुर के प्रधान के खिलाफ गोपाल शरण सिंह और भूपेन्द्र सिंह ने शिकायत की थी कि मजदूरों का पैसा जबरदस्ती अंगूठा लगाकर निकाल लिया गया है। इसकी बीडीओ अजमतगढ़ और एसडीएम सगड़ी से कराई गई। साल्हेपुर में रतसी का पोखरा खुदाई, खड़न्जा निर्माण, चकबन्ध आदि कार्यों पर लगे हुए मजदूरों का भुगतान उनके खाते में गया था। मौके पर कुल दो मजदूरों ने बताया कि भुगतान धनराशि स्वयं ही निकाली गई है। एक पुरवा में पाया गया कि प्रधान पति ने खड़ंजा भुगतान के नाम पर मजदूरों से जबरदस्ती दबंगई के साथ पैसा मांगा जा रहा था। कुछ मजदूर दुर्गावती, शिमला, प्रेमशीला, लक्ष्मीना ने बताया कि प्रधानपति हरिसेवक सिंह ने अंगूठा लगवाकर पूरी धनराशि हड़प ली है। डीएम ने साल्हेपुर के प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
मजदूरों का जॉबकार्ड भी जबरदस्ती रखा
आजमगढ़। ब्लाक अजमतगढ़ ग्राम पंचायत छपरासुल्तानपुर की प्रधान विभा उर्फ निशा के विरूद्ध मनरेगा मजदूरों ने शिकायती की थी कि मनरेगा श्रमिकों के जॉबकार्ड जबरदस्ती रख लिया गया है। मीना, चम्पा, सुरेशू, राधा, मनीषा, आशा, सज्जन, चन्दा, भृगुनाथ और नंदू ने बताया कि जाबकार्ड ग्राम प्रधान के पास है। मांगने के बाद देने से इंकार करती हैं। भगानू का जाबकार्ड भी प्रधान के पास है। पांच दिन की 500 रुपये मजदूरी हाथ में दी गई है। कालीचरनु, त्रिलोकी ने बताया कि जाब कार्ड प्रधान ने रखा है। बेचई ने बताया कि खाते में 2548 रुपये आया था। 2500 निकाला जिसमें से 2000 से प्रधान ने ले लिए। डीएम ने प्रधान विभा उर्फ निशा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।