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Azamgarh News: तीन दोषियों को चार वर्ष की सजा

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आजमगढ़। मारपीट के बाद दलित युवक के आत्महत्या करने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन दोषियों को चार-चार वर्ष सश्रम कारावास, दो को दो-दो हजार रुपये व एक आरोपी पर पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला विशेष सत्र न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट के जज जैनेंद्र कुमार पांडेय ने शुक्रवार को सुनाया।
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अभियोजन की कहानी के अनुसार रीता देवी निवासिनी नौबरार देवारा जदीद किता दोयम थाना महराजगंज के घर के सामने सात नवंबर 2019 की रात गांव के राजू गुप्ता किसी से फोन पर जोर-जोर से बात कर रहा था। वादिनी के लड़के अनूप कुमार ने राजू को जोर से बात करने से मना किया। इस बात से नाराज होकर राजू और उसके भाई जितेंद्र ने जाति सूचक गाली देते हुए अनूप को मारा पीटा। वादिनी रीता जब रिपोर्ट लिखाने थाने पर गई तब गांव के प्रधान हरिहर यादव ने रीता व अनूप कुमार को बुला कर धमकाया।
इस घटना के तीन दिन बाद 10 नवंबर 2019 को अनूप की लाश घर के सामने नीम के पेड़ पर लटकी हुई पाई गई। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी शमशाद, शासकीय अधिवक्ता आलोक त्रिपाठी व इंद्रेश मणि ने त्रिपाठी ने कुल सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने राजू गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता को चार-चार वर्ष की कारावास व दो- दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया। वहीं हरिहर यादव को चार वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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