एससी-एसटी कोर्ट ने जातिसूचक गाली देने और मारपीट करने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
इसमें से आधी राशि पीड़ित पक्ष को दी जाएगी। फैसला मंगलवार को एससी-एसटी कोर्ट के जज विजय कुमार वर्मा ने सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 18 मई 2006 को दोपहर तीन बजे की है।
फूलपुर थाना क्षेत्र के बिरादर गांव निवासी वादी राधेश्याम कनौजिया सरायमीर से दूध बेचकर घर लौट रहे थे। रास्ते में हरिजन बस्ती के पास पंचायती चुनाव में बीडीसी चुनाव को लेकर हुई रंजिश के चलते गांव के संतोष उर्फ गुड्डू यादव, बुद्धिराम यादव और सुरेश ने राधेश्याम को जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने न्यायालय में पांच गवाहों को परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने संतोष उर्फ गुड्डू, बुद्धिराम और सुरेश को दोषी पाया।
अदालत ने तीनों दोषियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की आधी राशि पीड़ित पक्ष को बतौर मुआवजा दी जाएगी।