आजमगढ़। महात्मा गांधी जयंती पर सामाजिक उत्पीड़न विरोधी मोर्चा के तत्वावधान में शुक्रवार को गांधी तिराहा रैदोपुर स्थित उनकी प्रतिमा के पास धरना प्रदर्शन किया गया। देश में कानून व्यवस्था के हो रहे खात्मे, महिलाओं-बच्चियों के साथ दुष्कर्म व हत्याओं पर चिंता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम के शुरुआत में संदीप के गीत ‘कानून को जो तोड़े-वो क्या देश बनाएंगे’ से और सूरज जी के महिला हिंसा के खिलाफत गीत से हुई। दुखहरन राम ने कहा कि गांधीजी अहिंसा और शांति के पुजारी थे। गरीबों के उत्थान व महिला सुरक्षा की बात करते थे। लेकिन आज देश में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। बल्कि अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ बोलने वाले, शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस प्रशासन लगातार जेल में डाल रहे हैं। फर्जी एफआईआर की धमकियां दे रहे हैं। डा. रवींद्र नाथ रय ने कहा कि गांधीजी महिलाओं को सुदृढ़ व सहृदय मानते थे। उनके ऊपर हो रहे उत्पीड़न की बात करते थे। लेकिन हाथरस की घटना ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि देश में गरीब वर्ग के लोगों का आर्थिक, सामाजिक सुरक्षा के न्यूनतम व्यवस्था भी समाप्त हो चुकी है। राहुल ने कहा कि भारत में प्रति घंटे चार से पांच महिलाओं का रेप हो रहा है। ऐसे में हम सभी महिलाओं और लड़कियों के साथ खड़े होते हैं चाहे वो किसी भी धर्म और जाति की हो। महताब आलम ने कहा कि गांधी के सपनों का भारत दूर-दूर तक बनता हुआ नहीं दिख रहा है। दान बहादुर मौर्य और अनीश भाई ने हाथरस सहित पूरे देश में छात्राओं, महिलाओं के साथ हो रही गैंगरेप की घोर निंदा की। इस मौके पर छात्रनेता अजय, आर्यन, स्वदेश, दान बहादुर मौर्य, अखिलेश, रवि, अजय, स्वदेश, तेज बहादुर, संदीप, अनिकेत,प्रशांत, हरिकेश आदि उपस्थित थे।