मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर रहा। उन्होंने डेयरी प्लांट को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा इस परियोजना से 56 हजार महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिल रहा है। वर्तमान में यहां प्रतिदिन 1.70 लाख लीटर दूध का कलेक्शन हो रहा है। झांसी, वाराणसी और लखनऊ के बाद अब 200 करोड़ के बजट से बरेली और प्रयागराज में भी डेयरी प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त होता है। यही ''विकसित भारत'' की परिकल्पना को साकार करने का आधार है। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव, वीर कुंवर सिंह और साहित्यकार ''हरिऔध'' की विरासत को नमन करते हुए जनता को विश्वास दिलाया कि डबल इंजन की सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को गति देती रहेगी।