करणी सेना द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि पुलिस और संगठनों के अपने-अपने विषय होते हैं, लेकिन किसी भी कार्रवाई का आधार जांच ही होता है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि सपा का कोई भी नेता रोहिणी आयोग या सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने की मांग सदन में क्यों नहीं करता।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल वोट बैंक की राजनीति करती है और पिछड़ों के अधिकारों का सही बंटवारा नहीं होने देना चाहती। भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के सवाल पर उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है। चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का, जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। विपक्ष न सड़क पर बोलता है, न सदन में। वे केवल पिछड़ों का हक लूटकर खाते हैं, इसलिए सच बोलने से डरते हैं।