आजमगढ़। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है, लेकिन कुछ कर्मियों की लापरवाही के चलते लोगों का अच्छे से इलाज नहीं हो पा रहा है।
कहीं जांच की व्यवस्था नहीं है, तो कहीं डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ ही मेले से गायब रहे हैं। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आ गया। कहीं चिकित्सक समय से नहीं पहुंचे तो कहीं दवा नहीं मिली तो कहीं जांच की सुविधा नदारद थी। इसके कारण मरीज वापस लौट गए।
2563 मरीजों ने कराया रजिस्ट्रेशन : घर के पास जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग हर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला आयोजित करता है। इस रविवार को भी जिले में 70 स्वास्थ्य केंद्रों पर मेला आयोजित किया गया। इसमें 2563 मरीजों ने पहुंच कर अपना इलाज कराया। सर्दी, जुकाम व बुखार के सर्वाधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जुकाम, खांसी, बुखार के सर्वाधिक मरीज पहुंचे। बताया कि मेले को सफल बनाने के लिए 87 चिकित्सक व 310 पैरा मेडिकल स्टाफ को ड्यूटी लगाई गई थी।
स्वास्थ्य मेले में इलाज के लिए 1131 पुरुष, 1066 महिला व 366 बच्चों का पंजीकरण हुआ था। सभी मरीजों को जांच के बाद उचित सलाह व जरूरी दवाएं आदि उपलब्ध कराई गईं।