कप्तानगंज पुलिस ने छात्रवृत्ति घोटाले में तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी सहित दस के खिलाफ गबन का केस दर्ज किया है। जिम्मेदारों ने सहकारी बैंक कप्तानगंज की शाखा में बैंककर्मियों की मिलीभगत से फर्जी खाता खोलकर लाभार्थियों खाते से सवा करोड़ से अधिक रुपये गबन कर लिया। पुलिस ने यह रिपोर्ट समाज कल्याण अधिकारी की तहरीर पर दर्ज की है।
समाज कल्याण अधिकारी प्रमोद सिंह के मुताबिक, 2006 से 2011 में जिला प्रोबेशन, विकलांग कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग और समाज कल्याण विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को एक करोड़ 24 लाख 54 हजार 789 रुपया की छात्रवृत्ति मिली थी। छात्रवृत्ति हड़पने के लिए जिम्मेदारों ने जिला सहकारी बैंक कप्तानगंज में लाभार्थियों का फर्जी खाता खोलवा लिया। बैंककर्मियों की मिलीभगत से अलग-अलग तिथियों में छात्र-छात्राओं के नाम से छात्रवृत्ति की सभी धनराशि निकाल ली गई। बैंक के बाउचर में भी जमकर हेराफेरी की गई। कुछ छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली तो उन लोगों ने तत्कालीन डीएम रणवीर प्रसाद से शिकायत की। डीएम ने इस मामले की जांच सीडीओ और अर्थसंख्या अधिकारी से कराई। जांच में गोलमाल की कलई खुल गई। रिपोर्ट मिलने के कई महीने बाद अब जाकर बुधवार को थाने में केस दर्ज कराया गया है। इसमें तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी, जिला सहकारी बैंक कप्तानगंज के तत्कालीन शाखा प्रबंधक हरीराम यादव, कंधरापुर थाने के देवरिया गांव निवासी गोविंद, उसकी पत्नी अनिता देवी, इसी गांव के राहुल कुमार, जोलहापुर गांव के बालगोविंद और बस्ती नरायनपुर निवासी रमेश, समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति सहायक लिपिक गंगासागर राय, गहनी जगदीशपुर निवासी मनोज पांडेय के खिलाफ गबन का केस दर्ज हुआ है। एसओ कप्तानगंज अनिल प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।