फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: यूपीआई मॉडल को दुनिया ने अपनाया, एमडीआर पर व्यापारियों ने जताई चिंता

विज्ञापन
शहर के मारवाड़ी धर्मशाला में संवाद करते व्यापार मंडल के लोग। संवाद
विज्ञापन
शहर के मारवाड़ी धर्मशाला में सोमवार को अमर उजाला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शहर के कारोबारियों और व्यापारियों ने यूपीआई के नए शुल्क ढांचे को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं।
विज्ञापन

व्यापारियों ने कहा कि यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को आसान बनाया है, लेकिन बड़े मूल्य के व्यापारी लेनदेन पर लागू किए गए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर उनमें असंतोष है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज खेतान ने कहा कि सरकार की ओर से व्यापारियों के लिए ‘मर्चेंट’ शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीआई मॉडल को दुनिया में अपनाया गया है, ऐसे में व्यापारियों पर अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान उनकी चिंता बढ़ा रहा है।
विज्ञापन

युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष परितोष रुंगटा ने एमडीआर को व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ बताया। उन्होंने कहा कि खुदरा कारोबार पहले से ही ई-कॉमर्स कंपनियों की प्रतिस्पर्धा से प्रभावित है। ऐसे में डिजिटल भुगतान से जुड़ा अतिरिक्त खर्च कारोबारियों की परेशानी बढ़ा सकता है।
सौरभ डालमियां ने कहा कि आज छोटे-बड़े सभी कारोबार में यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ग्राहक भी नकद के बजाय डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ऐसे में भुगतान व्यवस्था से जुड़ा कोई भी खर्च सीधे कारोबारी के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के बदलावों से पहले कारोबारी संगठनों के साथ पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए, ताकि जमीनी स्तर की समस्याओं को सामने रखा जा सके।
हालांकि, केंद्र सरकार के अनुसार 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान पर एमडीआर नहीं लगेगा और छोटे व्यापारियों के लिए भी शून्य एमडीआर की व्यवस्था जारी रहेगी। सरकार के मुताबिक करीब 96 प्रतिशत व्यापारी लेनदेन इससे प्रभावित नहीं होंगे।
वहीं 2,000 रुपये से अधिक के निर्धारित व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एमडीआर ग्राहक से वसूल किया जाने वाला कर नहीं है।
संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों ने कहा कि वे डिजिटल भुगतान व्यवस्था के पक्ष में हैं, लेकिन शुल्क संबंधी प्रावधानों को लेकर अपनी आपत्तियां और सुझाव सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। इस मौके पर अमृत अग्रवाल, संतोष गोलवारा, पवन अग्रवाल, गिरिराज सिंघल, ओमप्रकाश अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, संजय सिंह आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें