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Azamgarh News: घाघरा का जलस्तर घटा, लेकिन दुश्वारियां बरकरार

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15 पानी के बीच से होकर बंधे पर जाते सोनौरा के ग्रामीण। संवाद
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लाटघाट। क्षेत्र में घाघरा नदी और उसकी सहायक धाराओं का जलस्तर घटने के बावजूद आमजन की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। अभी तक कई संपर्क मार्ग ऐसे हैं जिन पर बाढ़ का पानी चढ़ा हुआ है। इसके बीच से होकर लोग आवागमन करने को विवश हैं।
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बदरहुंआ नाले पर रविवार शाम 4 बजे जलस्तर 71.90 मीटर दर्ज किया गया था, जो सोमवार को घटकर 71.60 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर जलस्तर 71.22 मीटर से घटकर 70.97 मीटर पहुंच गया। हालांकि जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, फिर भी यह खतरे के बिंदु के आसपास बना हुआ है।
स्थान
न्यूनतम जलस्तर
खतरा बिंदु
अधिकतम जलस्तर
बदरहुआ 70.25 मीटर
71.68 मीटर
73.52 मीटर
डिघिया 68.90 मीटर
70.40 मीटर
72.59 मीटर
नावें नहीं, संपर्क मार्ग जलमग्न, ग्रामीण बेहाल
घाघरा के जलस्तर में गिरावट के बावजूद सोनौरा ढाले से जमुवारी-अजगरा मार्ग समेत कई गांवों के संपर्क मार्ग अभी भी जलमग्न हैं। स्कूली बच्चों, बीमार लोगों और बुजुर्गों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नावें अभी तक नहीं चलाई गई हैं, जिससे चक्की, सोनौरा, बांका, बुढ़नपट्टी, मानिकपुर, अभनपट्टी, शाहडीह आदि के लोग चार-पांच किलोमीटर घूमकर बंधे के रास्ते आने-जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है। तहसीलदार सगड़ी शिव प्रकाश ने बताया कि बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी की गई है। क्षेत्र में 14 शरण स्थल और 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। जलस्तर में कमी आ रही है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
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