विगत दो दिन से घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर है लेकिन कटान तेज हो गई है। तेज कटान से ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई है। वहीं नदी अभी भी खतरा बिंदू से ऊपर है। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा का जलस्तर विगत दो दिनों से स्थिर है। जलस्तर तो स्थिर है लेकिन कटान तेज हो गई है। जिसे देख ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई।
क्षेत्र के लगभग 15 गांवों के संपर्क मार्गों पर चढ़ा बाढ़ का पानी अभी हटा नहीं है। नदी का जलस्तर अभी भी दोनों गेजों पर खतरा बिंदू से ऊपर है। रविवार को नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 71.96 मीटर और डिघिया नाले पर 71.10 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार को भी उसी पर पाया गया। बदरहुंआ नाले पर खतरा बिंदू 71.68 और डिघिया नाले पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से ऊपर है।
जून की अपेक्षा जुलाई में हुई अच्छी बारिश : विगत कई वर्षों से बारिश न होने के कारण जनपद के कई क्षेत्र डार्क जोन में चले गए थे। लेकिन इस वर्ष हुई बारिश ने आम जनमानस के साथ ही तपती धरती को भी राहत पहुंचाई। कई दिनों से जनपद में प्रतिदिन किसी न किसी समय बारिश हो ही जा रही है। इस बारिश से जहां किसानों की फसलों को फायदा पहुंच रहा है। सोमवार को भी यह क्रम नहीं टूटा और सुबह-सुबह ही कुछ देर के लिए हल्की बारिश हुई।
इसके बाद पूरे दिन आसमान से पानी की बूंदे टपकती रही। वहीं कई वर्ष में औसत से कम बारिश होने के कारण जनपद के दो ब्लाक पल्हनी और सठियांव डर्क जोन में चले गए थे। यहां का जलस्तर काफी नीचे चला गया था। जो बारिश होने के बाद सामान्य हो गया। बारिश के बारे में पूछे जाने पर जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे ने बताया कि जून में 141 मिमी बारिश होनी चाहिए थी जो सिर्फ 35 मिमी ही हुई। लेकिन जुलाई माह में 246 मिमी के सापेक्ष 206 मिमी बारिश हुई।