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गोद लिए गांवों में नहीं गए तो रोका जाएगा वेतन

Wed, 10 Aug 2016 12:24 AM IST
azamgarh
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समीक्षा बैठक को संबोधित करतीं मंडलायुक्त नीलम अहलावत। - फोटो : azamgarh
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मंडलायुक्त नीलम अहलावत ने मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने मंडल के तीनों जिलाधिकारियों को गोद लिए गांवों में न जाने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने कहा कि राज्य पोषण मिशन स्वस्थ समाज की स्थापना से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, इसको पूरी निष्ठा के साथ किया जाए। मंडलीय और जनपद स्तरीय अधिकारी गोद लिए गांव में जरूर जाएं। उन्होने तीनों जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इसकी मानीटरिंग करें और जो अधिकारी गोद में लिए गांव में नहीं जाएं उनका वेतन रोंके। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 को प्रभावी बनाने के लिए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जो कार्ड बन गए हैं उनपर राशन अवश्य मिले।
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राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की समीक्षा के दौरान पाया गया कि मंडल में केवल बलिया में स्थिति संतोषजनक है जबकि आजमगढ़ और मऊ में स्थिति संतोषजनक नहीं है। इस पर उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि इन जनपदों में पहले से चयनित लोहिया ग्रामों में शीघ्र विद्युतीकरण कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर को ठीक करबदलने की कार्रवाई 72 घंटे में पूरी करें।
बैठक में जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, मेधावी छात्राओं को कन्या विद्याधन वितरण, त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, वृद्धावस्था पेंशन आदि की समीक्षा की। इस दौरान डीएम सुहास एलवाई, डीएम मऊ वैभव श्रीवास्तव, डीएम बलिया राकेश कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त हीरालाल, आजमगढ़ एवं मऊ के मुख्य विकास महेन्द्र वर्मा और गिरिजेश त्यागी आदि उपस्थित थे।
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