पूर्व राष्ट्रपति स्व. ज्ञानी जैल सिंह की 21वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को लोक जनशक्ति पार्टी और अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के तत्वावधान में रिक्शा स्टैंड पर मनाया गया।
उपस्थित लोगों ने ज्ञानी जैल सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनयन शर्मा ने कहा कि ज्ञानी जैल सिंह ने अपनी राष्ट्रनिष्ठा तथा भारत में अंग्रेजों तथा सामंती हुकूमत से मुक्ति दिलाने के लिए चल रही आजादी की लड़ाई में कूद पड़े।
1938 में 'प्रज्ञा मंडल' की स्थापना की और सामंती राजाओं, अंग्रेजी सत्ता के अत्याचार के खिलाफ संघर्ष शुरू किया। वे विश्वकर्मा समाज के गौरव हैं। फागू राजभर ने गीतों के माध्यम से ज्ञानी जैल सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी नागसेन भाष्कर और संचालन अनिल कुमार शर्मा ने किया।
कार्यक्रम को शत्रुघ्न चौहान, डा. जयशंकर प्रसाद मिश्र, रामप्रीतम मौर्य, राजेश विश्वकर्मा आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर रामदरस यादव, अंगद भारती, अंगेश, विनोद पासवान, रणविजय मौर्य, चंद्रशेखर यादव, अनिल आदि मौजूद थे।