आजमगढ़। जिले में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम में प्रसुताओं की हो रही मौतों को लेकर अमर उजाला ने एक अभियान चलाया। अभियान के तहत प्रकाशित की गई खबर को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया और सील अस्पताल में नाम बदलकर संचालित हो रहे अस्पतालों की जांच के लिए टीम गठित की। जिससे अवैध रूप से संचालित अस्पतालों की जांच हो और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
जिले में अवैध नर्सिंग होम और पैथाेलॉजी सेंटर संचालित हो रहे हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अमर उजाला ने अभियान शुरू किया। अभियान के तहत सात सितंबर 2025 के अंक में पेज नंबर पर चार पर ''पहले सील किए गए अस्पताल भी नाम बदलकर किए जा रहे संचालित'' शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिलाधिकारी को इसपर अपना जवाब दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम व अस्पतालों के विरुद्ध समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। बताया कि यदि किसी विशेष प्रकरण की सूचना मिलती है तो तत्काल टीम भेजकर जांच कराई जाती है। जहां तक सील अस्पताल के भवन में नाम बदलकर पुनः संचालन की शिकायत सामने आई है, उसके लिए एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है। विभाग ने ऐसे अस्पतालों की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
सील अस्पताल का फिर से संचालन हो रहा तो गलत है। इसकी जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। जल्द ही जांच पूरी कर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. ननकू राम सीएमओ आजमगढ़।