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Azamgarh News: केलवा के पात पर उगेलन सुरुज देव...

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29 जीयनपुर स्थित कोइरिया पोखरा पर डाला छठ के अवसर पर पूजा अर्चन करती महिलाएं। संवाद
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आजमगढ़। डाला छठ पर व्रती महिलाओं ने घाटों पर सोमवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान गाजे-बाजे के साथ छठ मइया का गीत केलवा के पात पर उगेलन सुरुज देव... गूंजता रहा। सूर्य की उपासना के लिए व्रती महिलाएं घंटों पानी में खड़ी रहीं। वहीं मंगलवार को व्रती महिलाएं उदयांचल सूर्य को अर्ध्य देंगी।
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छठ महापर्व पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में निराजल व्रत रही महिलाओं की आस्था सोमवार की दोपहर बाद नदी और तालाबों की ओर उमड़ पड़ी। गाजे-बाजे के साथ छठ मैया के गीत गाती व्रती महिलाओं के आगे उनके परिवार के सदस्य डलिया में पूजन सामग्री लिए नदी और सरोवरों के लिए चल रहे थे।
डाला छठ पर शाम से नदी और सरोवरों के तट जगमगा उठे। कदम घाट, भोला घाट, सिधारी, नरौली, हरबंशपुर शाहीपुल, राजघाट आदि घाटों पर बने पूजा पंडालों में सोमवार को ही छठ माता और भगवान भाष्कर की मूर्ति स्थापित कर दी गई थी। भगवान भाष्कर के डूबते ही अर्घ्य के लिए एक साथ लाखों हाथ अराधना में उठ गए। व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अर्घ्य दिया। हल्का सा अंधेरा होते ही छठ पूजा घाट रंग-बिरंगी झालरों से जगमगाने लगे। वहां का नजारा देख मानों ऐसा लग रहा था जैसे सितारे जमीं पर उतर आए हों। मंगलवार की भोर में व्रती महिलाएं और परिवार के सदस्य घाटों पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटे के निराजल व्रत का पारण करेंगी।
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कोई हाथों में कोसी लिए तो कोई जमीन पर लेटे हुए पहुंचा घाट तक
कहते हैं कि छठ माता हर किसी की मुराद पूरी करती हैं। मन्नत पूरी होने के बाद लोग उनका व्रत करते हैं। सोमवार को आस्था का अदभुत संगम देखने को मिला। जहां एक तरफ कुछ महिलाएं हाथों में कोसी लिए गीत गाते हुए और मन में छठी माता का ध्यान करते हुए घाट की ओर जा रहीं थी तो वहीं कुछ श्रद्धालु ऐसे थे जो मन्नत पूरी होने पर जमीन पर लेटते हुए घाट तक पहुंचे और पूजन अर्चन किया।
सेल्फी लेने का रहा क्रेज
छठ पूजा पर जहां व्रती महिलाएं सूर्य के डूबने का इंतजार कर रहीं थीं, वहीं उनके साथ आई युवतियां सेल्फी लेते नजर आईं। छठ पर्व को लेकर व्रती महिलाओं के साथ उनके बेटे-बेटी और बहुओं में भी उत्साह दिखा। घाट पर तमाम युवतियों सेल्फी लेती नजर आईं। बहुएं भी सेल्फी को लेकर उत्साहित दिखीं। हर कोई इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर लेना चाहता था।
पुलिस भी पूरी तरह से रही मुस्तैद
छठ महापर्व को सकुशल कराने के लिए पुलिस प्रशासन पहले से ही अपनी तैयारियों में जुटा था। पुलिस ने पूरे शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर काफी मुस्तैदी दिखाई। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। नदी में गोताखोर भी तैनात रहे। सड़क के लेकर घाटों तक पुलिस के जवानों की तैनाती रही। अधिकारी भी घाटों का चक्रमण कर जायजा लेते रहे।
पटाखों की आवाज से गूंज उठे घाट
एक तरफ व्रती महिलाएं नदी और सरोवरों के पानी में खड़ी होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का इंतजार कर रहीं थी। वहीं दूसरी तरफ उनके साथ परिजन और बच्चे साथ में लाए पटाखे को फोड़ने में मशगूल रहे। पटाखों की आवाज से घाट गूंजता रहा। इतना ही नहीं बच्चों ने रास्ते में भी पटाखे फोड़े।

29 जीयनपुर स्थित कोइरिया पोखरा पर डाला छठ के अवसर पर पूजा अर्चन करती महिलाएं। संवाद

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