मेंहनगर/सरायमीर। मेंहनगर थाना क्षेत्र के बसिला गांव निवासी सरवन सोनकर की 38 वर्षीय पुत्री अनीता सोनकर की रविवार की रात इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगया है। घटना के बाद मेंहनगर कस्बे स्थित नर्सिंग होम संचालक अस्पताल में ताला बंद कर मौके से भाग गया।
परिजनों के अनुसार, अनीता को पिछले कई दिनों से पेट में दर्द और तबीयत खराब रहने की शिकायत थी। भाई राजन सोनकर ने उसे कस्बा स्थित केबीएन नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा था। आराम नहीं मिलने पर चिकित्सक ने ब्लड जांच और सोनोग्राफी कराई। जांच रिपोर्ट में पित्त की थैली में पथरी की शिकायत मिली।
रविवार की शाम महिला का करीब 4 बजे ऑपरेशन किया गया। लेकिन, ऑपरेशन के दो घंटे बाद ही अनीता की हालत गंभीर हो गई। तब चिकित्सक ने उसे जनपद मुख्यालय स्थित रमा हॉस्पिटल, नरौली रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान रविवार रात करीब 12:30 बजे उसकी मौत हो गई।
मृतका के भाई राजन सोनकर का कहना है कि इलाज पर करीब एक लाख रुपये खर्च करने के बावजूद डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी बहन की जान चली गई। अनीता अपने पीछे दो पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गई है। मृतका के पति बिंदू सोनकर ने सोमवार को सरायमीर थाने में तहरीर देकर घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया है। इस संबंध में सीएमओ एनआर वर्मा ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। अगर नर्सिंग होम पंजीकृत नहीं है तो संबंधित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।