जौनपुर। वृद्धाश्रम में महिला की मौत के बाद बेटों ने शव लेने से मना कर दिया। जब वृद्धाश्रम प्रबंधन की ओर से शव को भेजा गया तो बेटों ने दाह संस्कार के बजाय शव को दफना दिया।
परिजनों की उपेक्षा के कारण गोरखपुर के कैंपियरगंज निवासी 70 वर्षीय भुआल गुप्ता और 62 शोभा देवी जौनपुर के एक वृद्धाश्रम में रहते थे। गत 20 नवंबर को बीमारी से शोभा की मौत हो गई। वृद्धाश्रम के केयरटेकर रवि चौबे ने जब शव लेने जाने के लिए उनके बेटों से संपर्क किया तो छोटे बेटे ने कहा कि 23 को भतीजे की शादी है। मां की बॉडी आई तो अपशगुन होगा, शादी के बाद शव को ले जाऊंगा।
एक मां के शव की जौनपुर से गोरखपुर तक दुर्गति हो गई। वृद्धाश्रम में पति के साथ रह रही महिला की मौत के बाद जानकारी होने पर बेटे ने कहा शव लाने पर खुशी का माहौल गम में बदल जाएगा। ऐसा करिए फ्रीजर में रखवा दीजिए, शादी बाद आकर ले जाऊंगा। इसके बाद उसने फिर कहा, अच्छा ऐसा करिए वाहन से शव भेज दीजिए। पत्नी के शव के साथ पहुंचे पति भुआल गुप्ता से बेटों ने कहा कि शादी टालनी पड़ जाएगी। ऐसा करते हैं दफना देते हैं शादी बाद आटे का पुतला बनाकर जलाएंगे फिर दाह संस्कार करेंगे। लेकिन रविवार को शादी हो जाने के बाद भी पत्नी का दाहसंस्कार नहीं हुआ। वृद्धाश्रम के साथियों ने जब भुआल को फोन किया तो वह अपनी व्यथा बताते हुए रो पड़े।
गोपालगंज (हरनामपुर) टोला भरोहिया कैंपियरगंज करीमनगर निवासी भुआल गुप्ता (70) और उनकी पत्नी शोभा देवी के दो बेटे और बेटियां हैं। भुआल व्यापारी थे। लेकिन, उम्र ढलने के बाद परिवारिक विवाद के दौरान मिले तिरस्कार और दुत्कार से वह इतने दु:खी हो गए की पत्नी के साथ धार्मिक यात्रा पर निकल गए। अयोध्या, मथुरा होते हुए वृंदावन पहुंचे। जहां सोशल मीडिया के माध्यम से जौनपुर के वृद्धाश्रम के बारे में जानकारी हुई तो भुआल पत्नी को लेकर जौनपुर आ गए। यहां अन्य वृद्धजनों के साथ रहने लगे। भुआल के पास छोटे बेटे का कभी-कभी फोन आता। वृद्धा आश्रम के कर्मचारी रवि चौबे ने बताया कि शोभा देवी की तबीयत 18 नवंबर को खराब हो गई। पैर में सूजन और शरीर में काले चकत्ते पड़ गए। 19 नवंबर को चिकित्सक से दवा दिलाई गई। जांच में पता चला कि किडनी फेल हो गई है और गुर्दे में भी सूजन है। चिकित्सक की सलाह पर नईगंज स्थित निजी चिकित्सालय लाया गया। जहां डॉक्टर ने अपने स्तर से जांच के साथ-साथ इलाज शुरू किया। इलाज उपचार के साथ शोभा देवी को कुछ आराम तो मिला, लेकिन 20 नवंबर की सुबह नौ बजे उनका निधन हो गया।
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पति चाहते थे जौनपुर के ही रामघाट पर हो जाए अंतिम संस्कार
भुआल गुप्ता परिवार से मिले तिरस्कार और दुत्कार की कहानी सुनाते हुए हुए रोने लगे। साथ ही जौनपुर के रामघाट पर ही पत्नी के अंतिम संस्कार की इच्छा जाहिर की। लेकिन, बुजुर्ग साथियों के यह कहने पर कि बच्चों ने भले गलत किया, लेकिन आप मत करिए कम से कम उन्हें मौत की खबर दे दें। वृद्धाश्रम के केयरटेकर रवि चौबे ने बताया कि छोटे बेटे को मां के निधन की खबर दे दी गई तो वह शव घर ले जाने की बात किया। कुछ देर बाद फिर उसका फोन आया कि बड़े भाई ने कहा है कि घर में 23 नवंबर को शादी है। मौत की खबर सुनकर माहौल गमगीन हो जाएगा, ऐसा करिए आप शव को फ्रीजर में रखवा दीजिए। शादी बाद ले जाएंगे। लेकिन, व्यवस्था न होने की बात की कही। इसी बीच संभवत मौत की खबर शादी में आई शोभा देवी की बेटियों को भी पता चली, फिर उन्होंने शव लाने के लिए दबाव डाला।
बेटों ने कहा- आ रहे शव लेने फिर चार घंटे के बाद बोले वाहन की व्यवस्था नहीं हुई
रवि चौबे ने बताया कि छोटे बेटे का फिर से फोन आया कि मां का शव लेने आ रहे हैं। तीन-चार घंटे बाद कहां तक पहुंचे हैं की जानकारी लेने के लिए रवि ने फोन किया तो बेटे ने कहा कि वाहन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। शव को किसी गाड़ी से भेज दीजिए वह यहां अंतिम संस्कार कर देंगे। वृद्धाश्रम से एबुलेंस कर शव को भेज दिया गया। साथ में भुआल भी गए। सोमवार रात 9.30 बजे भुआल गुप्ता के पास वृद्धाश्रम के साथियों ने हालचाल लेने के लिए फोन किया तो वह रो पड़े। कहने लगे बहुत बड़ी भूल हो गई। शव को नदी के तट पर मिट्टी के नीचे दफन किया है। बच्चों ने कहा कि शादी से लौटते ही आटे का पुतला बनकर जलाएंगे और फिर जलाकर अंतिम संस्कार करेंगे। लेकिन, नहीं किया।
नोट : बेटों का नाम और पहचान उजागर नहीं की जा रही है।
वृद्धा आश्रमः पति- भुआल गुप्ता