जनपद के उत्तरी छोर से होकर बहने वाली घाघरा नदी एक बार फिर तबाही मचाने को तैयार है। विगत कई दिनों से नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी मंगलवार की शाम चार बजे स्थिर हो गई। जबकि महुला में नदी की कटान तेज हो गई है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवारा क्षेत्र से होकर बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में विगत कई दिनों से हो रही बढ़ोत्तरी मंगलवार की शाम को रुक गई।
नदी का जलस्तर स्थिर होने पर बाढ़खंड के अधिकारियों के साथ ही क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं अमर उजाला में खबर के प्रकाशन के बाद टेकनपुर के खुले रेगुलेटर को बंद कर दिया गया है। जिसके कारण आबादी वाले क्षेत्रों में घुसने वा पानी बंद हो गया है। सोमवार को बदरहुआं नाले पर जो गेज 70.82 मीटर मापा गया था वह मंगलवार को 71.18 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर सोमवार को जो गज 70 मीटर था वह मंगलवार को 70.33 मीटर पर पहुंच गया। प्रतिघंटा लगभग डेढ़ सेमी की रफ्तार से नदी के जलस्तर में बढ़ात्तरी दर्ज की गई।
एक तरफ जहां प्रशासन बंधे को कटने से बचाने में जुटा हुआ है, दूसरी तरफ महुला में नदी की कटान तेज हो गई है। महुला के परमात्मा राय, प्रभुनाथ राय, दिल्लू, राजेश पटेल, दिनेश यादव, शंभू यादव, बृजभान पटेल आदि का कहना है कि प्रशासन को बंधे की फिक्र तो है लेकिन हमारी भूमि की उसे कोई फिक्र नहीं है।
हालत यह है कि नदी प्रतिदिन हमारी लगभ पांच बीघे क़ृषि योग्य भूमि को लील रही है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि वह लोग बंधे के बचाव में जुटे हुए हैं। लगभग पूरा काम हो चुका है, अब बंधे पर कोई खतरा नहीं है।