पवई। ब्लॉक में लाखों की लागत से बना किसान कल्याण केंद्र किसानों का कल्याण नहीं कर पा रहा है। हैंडओवर होने के बाद भी विभागीय उदासीनता के कारण पुराने से नए भवन में अभी तक शिफ्ट नहीं हो सका है। पुराने जर्जर भवन में ही बीज गोदाम संचालित हो रहा है।
हर ब्लॉक में राजकीय बीज गोदाम बने हुए हैं लेकिन पुराने होने के कारण यह जर्जर हो चुके हैं। शासन की तरफ से इनके स्थान पर मल्टी परपज सीड स्टोर एंड डिसमिनेशन सेंटर (किसान कल्याण केंद्र) बनवाए जा रहे हैं ताकि किसानों को एक छत के नीचे बीज, कीटनाशक, प्रशिक्षण आदि मिल सके। जिले के 22 में से 15 ब्लॉकों में शासन की तरफ से किसान कल्याण केंद्र मंजूर हो चुके हैं। कुछ में निर्माण पूरा हो चुका है तो कुछ में निर्माण चल रहा है। पवई ब्लॉक का किसान कल्याण केंद्र चकिया बाजार में 1.21 करोड़ की लागत से बनकर छह माह पहले ही तैयार हो चुका है। कार्यदायी संस्था की तरफ से इसे विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण अभी तक नए भवन में बीज गोदाम और कृषि रक्षा इकाई को शिफ्ट नहीं किया जा सका है। इसके कारण किसानों को एक ही छत के नीचे सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं, कृषि कल्याण केंद्र के चारों तरफ न तो बाउंड्रीवाल हुई और न ही तार खंभे ही हटाए जा सके हैं।
करीब दो माह पूर्व यह भवन कृषि विभाग को हैंडओवर हुआ। कार्यदायी संस्था को भवन की चारदीवारी बनाने के लिए कहा गया है क्योंकि बीज गोदाम में एक ही सीजन में 15 से 20 लाख रुपये का बीज रखा जाता है। बाउंड्री नहीं होने से सुरक्षा की गारंटी नहीं है। एक, दो सप्ताह में नए भवन में बीज गोदाम को शिफ्ट किया जाएगा। कुलदीप यादव, एडीओ कृषि पवई।