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घर में ही छिपा है पिता-पुत्री की हत्या का राज

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घर में ही छिपा है पिता-पुत्री की हत्या का राज
सौतेले पिता की गतिविधियों से घूम रही शक की सूई
सास, बहू और बेटी का हर पल बदल रहा बयान
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मदारपुर बाजार में शुक्रवार की रात हुई पिता-पुत्री की हत्या और मां को गंभीर रूप से घायल होने की कहानी घर में ही घूम रही है। सौतेले पिता की गतिविधियों और सास, बहू और बेटी का पल-पल बदल रहा बयान भी इसी ओर इशारा कर रहा है। पुलिस इस मामले में और ठोस साक्ष्य और सबूत जुटाने के प्रयास में जुटी हुई है।
वाराणसी जिले के लोहता थाने के महमूदपुर गांव निवासी रमजान अली की पहली पत्नी अपने दो बच्चों के साथ गांव में रहती है। रमजान ने उससे नाता तोड़कर मऊ जिले की रहने वाला तीन बच्चों की मां आयशा खातून से शादी कर लिया। आयशा के पहले पति की मौत हो चुकी है। शादी के बाद रमजान और आयशा अपने बेटे साकिर, जाहिद और तराना के साथ वहीं पर रहती थी। इन दोनों से एक बेटा जाकिर हुआ। आमदनी का कोई जरिया न होने पर साकिर चोरी करने लगा था। वह कई बार वाराणसी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। इसी बीच साकिर की शादी होने के बाद सभी पुलिसिया झंझट से बचने के लिए मदारपुर बाजार में आकर किराए का मकान लेकर रहने लगे। घर का खर्च बढ़ने पर साकिर कटौती करने लगा। रुपये को लेकर ही अक्सर साकिर और सौतेले पिता रमजान अली के बीच विवाद और मारपीट होती थी। इधर रमजान अली कुछ दिनों से अक्सर बिहार आने-जाने लगा था। घर वालों को शक था कि वह बिहार में तीसरी शादी करने वाला है।
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प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर अखिलेश मिश्रा के मुताबिक घटना वाली रात साढ़े दस बजे रमजान अली मुबारकपुर बाजार से चाय पीकर घर लौटा। जबकि घटना करीब रात 12 बजे घटित हुई है। प्रभारी निरीक्षक की मानें तो घटना के समय घर में रमजान अली, आयशा और बेटी तराना के अलावा साकिर का परिवार था। फावड़े के प्रहार से हत्या की पीएम रिपोर्ट से पुष्टि हो चुकी है। रविवार को जैनब की हालत में सुधार था। पूछताछ के दौरान जैनब, उसकी सास आयशा खातून और ननद तराना तीनों के अलग-अलग बयान से शक और गहरा गया है। सीओ सदर /क्राइम मो. अकमल खां ने बताया कि हत्या का राज घर में ही छिपा हुआ है। पुलिस भी गुत्थी लगभग सुलझा चुकी है। सिर्फ साक्ष्य संकलन और बयान रिकार्ड करना शेष रह गया है।
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