शहर के मड़या मुहल्ले में स्थित रत्ना पब्लिक स्कूल के प्रबंधक राजीव सिंह की करतूत से नाराज डीएम ने गुरुवार की शाम विद्यालय को सील करने और प्रबंधक के विरुद्ध कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन आशुतोष द्विवेदी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश ने विद्यालय में ताला बंद कर दिया। बीएसए के मुताबिक प्रबंधक को पुलिस कोतवाली ले गई। जहां नगर शिक्षाधिकारी सुरेंद्र यादव की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
बीएसए के अनुसार रत्ना पब्लिक स्कूल को कक्षा पांच तक की मान्यता है। लेकिन विद्यालय में कक्षा दस तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ने की आशंका और अव्यवस्थाओं को देखते हुए स्कूल पर गुरुवार की रात ताला जड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि बुधवार की दोपहर प्रबंधक अपने विद्यालय के कुछ छात्रों को लेकर एसपी कार्यालय के सामने गालियां दे रहा था। एसपी के आदेश पर प्रबंधक को कोतवाली ले जाया गया।
कोतवाली ले जाने पर प्रबंधक के पक्ष में प्रबंधक संघ उतर गया। विद्यालय की शिक्षिकाएं भी कोतवाली पहुंच गई थीं। उनके आग्रह पर प्रबंधक को पुलिस ने छोड़ दिया था। घटना की जानकारी होने पर डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया। डीएम ने बीएसए और एडीएम को कार्रवाई करने का आदेश दे दिया। डीएम ने बताया कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए विद्यालय को तभी शुरू किया जाएगा, जब वहां का प्रबंध तंत्र बदल जाएगा।
वहीं स्कूल प्रबंधक की पत्नी और विद्यालय की अध्यापिका प्रिया सिंह ने बताया कि उनके पति राजीव सिंह की दिमागी हालत ठीक नहीं रहती है। उनका इलाज चल रहा है।