06 : डायट परिसर में पांच जून को डीएम ने लगे थे पौधे। फाइल फोटो
आजमगढ़। जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) परिसर में इस साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण अभियान के तहत जिलाधिकारी रवींद्र कुमार और मुख्य विकास अधिकारी ने स्वयं पौधे लगाए थे। देखरेख के अभाव में लगाए गए पौधे पहले सूख गए और अब पूरी तरह गायब हो चुके हैं। अधिकारियों ने उस समय पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देते हुए पौधों की रक्षा का संकल्प भी दिलाया था।
हालांकि, कुछ ही महीनों बाद यह अभियान केवल कागजों में सिमट गया। वहीं पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाए गए थे, वे भी परिसर में नदारद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पौधारोपण के बाद किसी ने भी उन पौधों को पानी तक नहीं दिया।
इससे न केवल प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा हुआ है कि जब शीर्ष अधिकारी लगाए गए पौधों की सुरक्षा नहीं कर पाए, तो आमजन से पर्यावरण संरक्षण की उम्मीद कैसे की जा सकती है। डायट प्राचार्य अमरनाथ राय ने बताया कि पौधे सूख गए तो उसका ट्रीगार्ड दूसरे पौधे में लगा दिया गया।
06 : डायट परिसर में पांच जून को डीएम ने लगे थे पौधे। फाइल फोटो